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मैं भी उपवास करूंगा!

Posted On: 18 Sep, 2011 Others में

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आज गजोधर भैया फिर मिल गए! —— बड़ा सनके हुए लग रहे थे. — मिलते ही तपाक से बोले – मैं भी उपवास करूंगा.
मैंने पूछा – क्या हुआ — –
गजोधर – कुछ नहीं, अब मैं भी उपवास करूंगा.
मैं – उपवास करना है तो करिए कौन मना करता है. ऐसे भी काफी तीज त्यौहार बीत गए. अब क्या धुन सवार हुआ है. पेट गड़बड़ है तो मत खाइए खाना. खाना भी बचेगा और आपका पेट भी ठीक हो जायेगा.
गजोधर – अरे आप नहीं समझ रहे हैं — उपवास यानी अनशन करूंगा.
अब मेरा माथा ठनका! — किस बात को लेकर अनशन करेंगें और आपको कौन जनता है कि आप अनशन करेंगे और कोई फल का जूस लेकर हाजिर हो जायेगा आपका अनशन तोड़वाने के लिए.
पर गजोधर इस बार ठान के आए थे कि मेरा दिमाग ख़राब कर के छोड़ेंगे.
मैंने कहा – आइये, पहले बैठिये, फिर बताइए क्या हुआ जो आप अनशन करना चाहते हैं.
गजोधर – सुनिए सिंह साहब, आजकल अनशन की हवा चली हुई है. पहले अन्ना, फिर रामदेव, फिर अन्ना!— और– अब मोदी और बघेला, हर चौराहे और मोड़ पर आजकल लोग उपवास कर रहे हैं, अपनी बातें मनवाने के लिए, तो कोई मन को शुद्ध करने के लिए. और अब तो इसमें भी प्रतियोगिता होने लगी कि कौन कितने दिन उपवास रह सकता है. कोई तो गिनीज बुक में अपना नाम भी दर्ज करा चुका है और कोई इसी चक्कर में अपना जान भी दांव पर लगा कर इस दुनिया से जा भी चुका है. तो फिर हम क्यों नहीं हवा का रुख देखकर अपनी राह भी उधर ही कर लें. और बची खुची जिन्दगी में कुछ ऐसा कर गुजरें की आनेवाली पीढ़ियाँ नहीं, तो कम से कम आज कल के लोग ही हमें जान जाएँ.
मैं – इसका मतलब यह हुआ कि आप प्रसिद्ध होने के लिए अनशन करना चाहते हैं.
गजोधर – अब जा के आप समझे हैं.
मैं – ठीक है भाई जी, तो आप की मांग क्या होगी?
गजोधर – इसी के लिए तो आप के पास आया हूँ. यह सब भ्रस्टाचार, महंगाई, काला धन, आतंकवाद, भ्रूण हत्या, महिलाओं पर अत्याचार आदि मुद्दे पुराने हो गए हैं. मैं कोई नए विषयों पर अनशन करना चाहता हूँ. इसीलिये आप से राय मशविरा करने आया हूँ.
मैं बड़ा सोंच में पर गया. गजोधर भाई एक दम आम देहाती आदमी है पर इसमें भी बड़ी चेतना ने जन्म लेना शुरू कर दिया है. —”अन्ना का असर दिखने लगा है”.
कुछ देर सोंचने के बाद मैंने कहा – आपको सिर्फ नाम कमाना है या सचमुच का मांग मनवाना है.
गजोधर – आप भी न सिंह साहब हमको शर्मिंदा करते हैं. मांगे किसकी पूरी हुई है. सभी केवल मीडिया में आना चाहते है इसीलिये मैं भी आपसे मदद चाहता हूँ कि कोई विषय बताइए जो आज के सन्दर्भ में दमदार हो.
मैंने कई विषयों के बारे में सोंचा फिर इधर उधर नजरें दौराई — कुछ ठहरकर मैं बोला — हमलोग कितनी गंदी बस्तियों में रहते हैं, बरसात में यहाँ जीना मुहाल हो गया है, जरा सा पानी होता है – सडकें नाले में तब्दील हो जाती हैं, कीड़े-मकोड़े, मक्खी-मच्छर बहुत पड़ेसान करते हैं. अब तो जाड़ा-बुखार आम बात हो गया है, वायरल फीवर, चिकनगुनिया,कालाजार जैसी बिमारियों से पड़ेसान रहते हैं; फिर क्यों नहीं साफ – सफाई का मुद्दा उठाया जाय.
गजोधर – आप ठीक ही कह रहे हैं पर यह जानदार नहीं होगा. फिर मीडिया को खबरें नहीं मिलेगी डाक्टरों की जेब पर लात मारना क्या ठीक लगता है आपको? इसपर डर यह है कि वे लोग कह देंगे कि अपना घर और आस पास खुद साफ़ रक्खो.
मुझे लगता है खेल और खिलाड़ियों का मुद्दा ज्यादा चलेगा. भारत-इंग्लैंड क्रिकेट का पूरा सिरीज हार कर टीम इंडिया भारत लौटेगी तब भी इन्हें सभी सर आँखों पर लिए घूमेंगे, हाकी टीम जीत कर आने पर भी कोई जश्न या हंगामा नहीं होता, CWG घोटाले की राह पर चलेगा. पर, अगर कोई ऐसा भारतीय खेल जिसमे कम से कम लागत लगती हो उसे क्यों नहीं बढ़ावा दिया जाता है. यही मुद्दा क्यों न उठाया जाय!
मैं तो गजोधर भाई के सोंच का कायल हो गया. कहा – आईडिया तो अच्छा है.फिर मैंने पूछा – किस भारतीय खेल में आपकी दिलचस्पी है!
“कबड्डी” – छूटते ही बोले. – मैं अपने गाँव का कबड्डी चैम्पियन रह चुका हूँ. कितनों की तो मैंने हड्डी पसली तोड़कर रख दी है जो आज भी मेरे सामने सर उठाने की हिम्मत नहीं करते! — इस खेल में न तो विशेष प्रकार के कपड़ों की जरूरत है न ही बड़े बड़े स्टेडियम की. इसकी अवधि भी काफी कम अंतराल की होती है. इसे शहर गाँव या किसी भी छोटे कस्बों के छोटे से मैदान में भी खेला जा सकता है. यह आडम्बर रहित है मैदान घास से भरा हो तब भी ठीक है या धूल से भरा हो तब भी ठीक है. इसे केवल चड्ढी बनियान या सिर्फ हाफ पैंट पहन कर भी खेला जा सकता है और सलमान खान जैसा ‘बडी’ भी दिखलाया जा सकता है. चूंकि यह बिलकुल ही निम्न लागत का खेल है इसलिए इसमें घोटालों की संभावना भी न के बराबर है. फिर इसे राष्ट्रीय खेल क्यों नहीं घोषित किया जाता है.
तो हमारी मांगें यही रहेगी. — “कबड्डी को राष्ट्रीय खेल घोषित किया जाय और इसे जमीनी स्तर यानी ग्रामीण स्तर से ही लागू किया जाय. कबड्डी हर स्कूलों में, शिक्षण सन्सथानों में अनिवार्य किया जाय, जो शिक्षण संस्थान इसे अनिवार्य न करे उसकी मान्यता रद्द कर दी जाय. हाँ एक काम करिए आप मेरी मांगों को सूचीबद्ध करते जाइये कम से कम इस प्रकार की २० मांगों की सूची बनायेंगे और उसे सरकार के सामने पहले पेश करेंगे, सौदेबाजी करेंगे, मांगे नहीं माने जाने के फलस्वरूप भूख-हड़ताल. आपलोग पढ़े लिखे लोग हैं इसे सही तरह से ड्राफ्ट कर सकते हैं, कानूनी मदद के लिए ‘श्रीमान राजकमल साहब’ को भी कोर कमिटी का सदस्य बना लेगें, ‘निशा’ बहन को मीडिया मैनेजमेंट का जिम्मा दे देंगे, कुछ मीडिया वाले को भी समझा बुझा कर उसके लिटल चैम्प्स जैसे कार्यक्रमों में अतिथि बनकर चले जायेंगे, और वहां कबड्डी खेल से सम्बंधित कुछ गाने जो कई फिल्मों दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन से लेकर नाना पाटेकर पर फिल्माए गए हैं उनका आनंद लेगें यह सब कुछ करना होगा अगर संभव हो तो लालूजी, नितीश कुमार जैसे जमीन से जुड़े रहनेवाले नेता से भी (गुप्त) समझौता कर लेंगे अगर संभव हो तो एक दो दलित वर्ग के ऊंचे कद वाले व्यक्ति का भी सहयोग ले लेंगे ताकि मायावती, मुलायम सिंह जैसे नेताओं को भी अपने पक्ष में कर सकें और विवाद कम से कम हो.” —- गजोधर भाई बोलते ही जा रहे थे — मुझे घोर आश्चर्य हो रहा था. मुझे हाँ में हाँ मिलाना ही था.
फिर मैंने पूछा — आपको उपवास का अनुभव है — कैसे आप बिना खाए कई दिन तक गुजारा करेंगे और अपने शरीर को मंच पर बैठने लायक बना सकेंगे.
गजोधर – भाई साहब, आप हमें लगता है पूरी तरह नहीं जानते! मैंने तो अभाव में ही अपनी जिन्दगी गुजारी है और कई दिन तक भूखा रहा हूँ अपनी मजबूरी के कारण. फिर पूरा उपवास किसे करना है पानी तो सबके सामने मंच पर पी ही सकते है दो तीन दिन तक कोई दिक्कत नहीं होने वाला — फिर मंच के पीछे —– या पानी में कुछ (ग्लूकोज आदि) मिला देंगे — फिर सरकारी डॉक्टर अगर जांच को आते हैं तो उनसे ही (गुप्त रूप से) कुछ विटामिन की गोली ले लेंगे. दवा तो खा ही सकते हैं न! फिर देखा जायेगा जान बचाने के लिए “श्री श्री” तो आएंगे ही और कोई आवे या न आवे. हाँ उपवास अगर तोड़ेंगे तो कोई दलित या मुस्लिम बालिका के हाथों यह सब पूरा इंतजाम आप सबको देखना है. अगर यह अनशन सफल हो गया तो यानी कबड्डी राष्ट्रीय खेल अगर घोषित हो ही गया तो फिर शरद पवार की कुर्सी यानी अन्तर्राष्ट्रीय कबड्डी बोर्ड का अध्यक्ष पद तो हम ही सम्हालेंगे.
इसी मनोकामना के साथ गजोधर भाई का ख्याली पुलाव समाप्त होता है. ॐ शांति! शांति! शांत:हि———-.

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58 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

atharvavedamanoj के द्वारा
September 28, 2011

आदरणीय जवाहर जी| सादर वंदे मातरम ….नवरात्री के शुभ अवसर पर गजोधर भैया को उपवास करने का मन हो गया है…यह तो बड़ी ही अच्छी बात है…बैठे बिठाये कुछ राजनैतिक चक्कलस भी होगी और दायरा बढ़ेगा सो अलग|मुझे लगता है रामदेव, अन्ना, मोदी के बाद गजोधर का भी जयकारा गूंजने वाला है|पर, कमबख्त इटली पदानुयायियों की तो मौज ही रहेगी|हम तो २८ और ३२ रूपये में भी चौचक अमीर हो जायेंगे|बेचारे, ५०० करोड़ वाले गरीब चिट्ठीअम्बर का क्या होगा? मोस्ट व्यूड ब्लॉगर बनने की हार्दिक शुभकामनाएं|जय भारत, जय भारती|

    jlsingh के द्वारा
    September 29, 2011

    मनोज जी, नमस्कार! नवरात्री की शुभकामनाओं के साथ,आपके और हमसब लोगों (आम जनता) की चिंता को दुर्गा माँ के सामने व्यक्त करना होगा ताकि इन दुष्टों का संहार जल्द से जल्द हो! आपका बहुत बहुत आभार! उम्मीद है, आप देश प्रेम का अलख जाते रहेंगे!

अंशुमाली रस्तोगी के द्वारा
September 27, 2011

दिलखुश व्यंग्य…

    jlsingh के द्वारा
    September 29, 2011

    धन्यवाद,रस्तोगी साहब!

akraktale के द्वारा
September 25, 2011

जवाहरजी नमस्कार, बहुत ही दिलखुश व्यंग. मेरी आपसे गुजारिश थी की यदि आप गजोधरजी से सिफारिश करें तो वह मुझे भी वलिन्तियर के लिए या सर पर कपडा ढँक कर संबोधन के लिए एस एम् एस कर सकते हैं. बधाई.

    jlsingh के द्वारा
    September 25, 2011

    महाशय, जागरण जंक्सन की टीम तो अवश्य ही रहेगी और उम्मीद है सभी अपने अपने हुनर का परिचय देंगें ही. आपके लिए भी ओढ़नी (दुपट्टा) का बंदोबस्त कर दिया जायेगा. उत्साह वर्धन के लिए धन्यवाद!

surendra shukl bhramar5 के द्वारा
September 24, 2011

प्रिय जे यल सिंह जी बधाई हो अब ये सिद्ध हो चूका है की उपवास करने से मौन रहने से हल्ला बोल से फायदा ही होगा ….. इसी तरह आगे भी ब्लागर ऑफ़ दी वीक बनते रहें शुभ कामनाएं भ्रमर ५

    jlsingh के द्वारा
    September 25, 2011

    भ्रमर जी, सादर अभिवादन! बस इसी तरह उत्साह वर्धन करते रहे, और कलम की धार से वार करते रहे तो कहते हैं न रसरी आवत जात ते, सिल पर परत निशान ————- बहुत बहुत धन्यवाद!

alkargupta1 के द्वारा
September 24, 2011

सिंह साहब , व्यंग्यप्रधान विनोदी रचना ! ब्लॉगर ऑफ़ द वीक बनने की हार्दिक बधाई !

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    अलका जी, नमस्कार! आप सब मेरे प्रेरणा श्रोत और उत्साह वर्धक मंत्र हैं. उम्मीद है, आगे भी हौसलाफजाई करते रहेंगे. – धन्यवाद!

suman dubey के द्वारा
September 24, 2011

जवाहर जी नमस्कार । ब्लागर आफ़ वीक बनने की बहुत बधाई। आपका ब्लाग पर आना जाना बन्द है।

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    सुमन जी, नमस्कार! आप सब मेरे प्रेरणा श्रोत और उत्साह वर्धक मंत्र हैं. उम्मीद है आगे भी हौसलाफजाई करते रहेंगे. – धन्यवाद!

Nisha के द्वारा
September 24, 2011

मेरे पापा को ब्लोगर ऑफ़ दा वीक बनने की बहुत-२ बधाई |

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    बेटी को धन्यवाद!

Amita Srivastava के द्वारा
September 24, 2011

जवाहर जी ,नमस्कार ब्लोगर ऑफ़ दा वीक बनने की बहुत-२ बधाई |

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    अमिता जी, नमस्कार! शुभकामना के साथ धन्यवाद! उम्मीद है आगे भी कृपादृष्टि बनाये रखेंगें और अगर कहीं कोई त्रुटि हो, तो अवश्य रेखांकित करेंगे.

Rajkamal Sharma के द्वारा
September 23, 2011

आदरणीय भाई साहिब ….सादर अभिवादन ! हम तो पहले से ही जानते थे की ई जो गजोधर भईया है ना वोह बहुत ही भाग्यशाली है आपके पास रहे तो आपको तार दियो रे हमने आपसे उधार माँगा तो हमको भी उबार दियो रे …. जय हो गजोधर चाचा जी की (अबोध बालक जी के ) आपने एक मुकाम छुआ है इसलिए आपको इस हफ्ते का सुपरस्टार बनने की ढेरो मुबारकबाद आगे भविष्य में भी आप नित नई बुलंदियो को छूते रहे इसी कामना के साथ :) :( ;) :o 8-) :| :| 8-) :) ;) :( :o

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    गुरुदेव, सादर नमस्कार! अगर आप न होते तो हम कहाँ होते. आपने ही सिखाया, बस्ता ढोते ढोते. उम्मीद है आपका आशीर्वाद और मार्गदर्शन आगे भी मिलता रहेगा. आपको धन्यवाद नहीं दूंगा, बल्कि वरदहस्त की अपेक्षा रखूंगा. प्रणाम!

tejwani girdhar के द्वारा
September 23, 2011

आपको बहुत बहुत बधाई

    jlsingh के द्वारा
    October 6, 2011

    धन्यवाद, महोदय!

manoranjanthakur के द्वारा
September 23, 2011

उम्दा और ढेरो बधाई

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    ठाकुर जी, धन्यवाद!

September 23, 2011

मोस्ट व्यूड ब्लॉगर ऑफ द वीक बनने व् इस सुन्दर लेख के लिए आपको हार्दिक बधाई..

Santosh Kumar के द्वारा
September 23, 2011

आदरणीय जवाहर लाल जी ,.सादर प्रणाम बहुत बहुत बहुत बधाई ,…दमदार पोस्ट ,.पुनः हार्दिक बधाई

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    संतोष जी, नमस्कार! आपका ‘मूरख मंच’ भी कम शानदार नहीं था!– आपलोगों का स्नेह मिलता रहे यही कामना के साथ, – धन्यवाद!

Tamanna के द्वारा
September 23, 2011

जे.एल सिंह जी, मोस्ट व्यूड ब्लॉगर ऑफ द वीक बनने के लिए आपको हार्दिक बधाई. लेख वाकयी बहुत अच्छा है.

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    तमन्ना जी, नमस्कार! ‘दिली तमन्ना’ अगर पूरी हो जाय तो खुशी का पारावार नहीं नहीं रहता. बिन मांगे मोती मिले तो —- हाहाकार नहीं रहता! बहुत बहुत धन्यवाद! प्रतिक्रिया और प्रशंशा के लिए.

vikaskumar के द्वारा
September 23, 2011

बहुत ही सुन्दर लेख लिखा है आपने . ब्लॉगर ऑफ द वीक बनने के लिए आपको बधाई.

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    विकास जी, नमस्कार! प्रतिक्रिया और बधाई देने के लिए धन्यवाद!

krishnashri के द्वारा
September 23, 2011

ब्लागर आफ दी विक बनने पर हार्दिक बधाई

    jlsingh के द्वारा
    September 24, 2011

    कृष्णा जी, नमस्कार! ये तो कान्हा जी की कृपा है नहीं तो मैं क्या ——- बधाई के लिए ह्रदय से धन्यवाद!

sadhana thakur के द्वारा
September 23, 2011

सिंह जी ,,बहुत अच्छा व्यंग …साथ ही ब्लॉगर ऑफ़ द वीक बनने की बधाई ………

    jlsingh के द्वारा
    September 23, 2011

    साधना जी, नमस्कार! शुभकामना और बधाई के लिए धन्यवाद! -जवाहर!

Harish Bhatt के द्वारा
September 22, 2011

ब्लोगर आफ द वीक चुने जाने पर हार्दिक बधाई.

    jlsingh के द्वारा
    September 23, 2011

    हरीश भट्ट साहब, नमस्कार! आपलोगों का आभार जो मुझे चाहते और पसंद करते हैं, साथ ही साथ प्रतिक्रिया के साथ समुचित सुझाव भी देते हैं!

chaatak के द्वारा
September 22, 2011

उपवास की जल्दी क्यों कर रहें है गजोधर भैया, सरकार ने देश की जनता के लिए जिस खुराक का हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है वो जल्दी ही सभी के उपवास की हवा निकल देगा. आदमी उस खुराक को खाकर अपनी अंतड़ियों की तौहीन करने की बजाये भूखा रहना ही पसंद करेगा तो जाहिर है जब पूरा देश उपवास कर रहा होगा तो मीडिया खाने वालों (नेताओं) को कवरेज देगा न के मरभुक्खे लोगों को. अच्छे लेखन पर हार्दिक बधाई!

    jlsingh के द्वारा
    September 23, 2011

    चातक जी, नमस्कार! आगे चलकर अंतरियों को जलना होगा इसकी प्रैक्टिस अगर पहले से कर ली जाय तो शायद उस समय आसान होगा— जवाहर!

surendra shukl bhramar5 के द्वारा
September 19, 2011

बिलकुल सिंह जी अब आप भी बढ़ ही जाइए ..शुभ कामनाएं आइये सब भूमिका बनायें ..कुछ न कुछ तो होगा ही मीडिया विश्व भर में फोटो तो चमकाएगा ही …क्या कहा जाए ?? चूंकि यह बिलकुल ही निम्न लागत का खेल है इसलिए इसमें घोटालों की संभावना भी न के बराबर है. फिर इसे राष्ट्रीय खेल क्यों नहीं घोषित किया जाता है. अच्च्छा लेख व्यंग्य हास्य का पुट लिए भ्रमर ५

    jlsingh के द्वारा
    September 23, 2011

    भ्रमर जी, सादर अभिवादन! उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद! उम्मीद है आगे भी दयादृष्टि बनाये रक्खेंगे!- जवाहर!

munish के द्वारा
September 19, 2011

आदरणीय सिंह साहब गजोधर भैया का अनशन फेल हो सकता है बाबा रामदेव जी की तरह, मिसमैनेजमेंट के कारण, अब वो मेरा काम राजकमल जी को देंगे तो गड़बड़ हो ही जायेगी, आप उनको मंच संभालने की जिम्मेदारी दीजिये, निशा जी का कार्य ठीक है ……… बाकी सलाह के लिए फीस भिजवायें

    Santosh Kumar के द्वारा
    September 19, 2011

    आदरणीय मुनीश जी ,..अब पक्का यकीन हो गया ,..आप वकील ही हो ,…सादर धन्यवाद

    jlsingh के द्वारा
    September 23, 2011

    मुनीश जी, नमस्कार! माफी चाहूँगा जो आपको कानूनी मदद के लिए नहीं चुना!– वैसे जागरण मंच के सुधी लेखकों (ब्लोग्गर्स) में स्वचेतना इतनी है की सभी अपना अपना कार्यभार सम्हाल ही लेंगें ऐसी मान्यता है गजोधर भैया की!- मुफ्त सलाह देने के लिए तहेदिल से धन्यवाद!- जवाहर!

nishamittal के द्वारा
September 19, 2011

बहुत अच्छा व्यंग्य प्रधान आलेख सिंह साहब

    jlsingh के द्वारा
    September 23, 2011

    निशा जी, नमस्कार! मेहरबानी आपकी, जो आपने लेख को सराहा! आपसब मेरे प्रेरणा श्रोत हैं! धन्यवाद!

वाहिद काशीवासी के द्वारा
September 19, 2011

जवाहर लाल जी, आपके लेख में हॉकी और कबड्डी का प्रसंग बड़ा ही प्रासंगिक रहा| साभार,

    jlsingh के द्वारा
    September 19, 2011

    वाहिद साहब, नमस्कार! आपलोगों के आशीर्वाद का आकांक्षी! कोशिश कर रहा हूँ!- उम्मीद है आगे भी प्रोत्साहन मिलता रहेगा!- जवाहर.

sumandubey के द्वारा
September 18, 2011

जवाहर जी नमस्कार्। व्यवस्था को लपेटते हूए सुन्दर व्यंगय्। जयहिन्द ।

    jlsingh के द्वारा
    September 18, 2011

    सुमन जी, नमस्कार! आप सब लोगों के मार्गदर्शन से ही मैंने भी प्रयास भर किया है. उम्मीद है आगे भी कृपादृष्टि बनाये रक्खेंगी.- धन्यवाद!

धनंजय सिंह के द्वारा
September 18, 2011

बढ़िया परिहास, पर भईया गजोधर को समझा दीजिये की उपवास का ठेका भी सबको नहीं मिला है.

    jlsingh के द्वारा
    September 18, 2011

    धनञ्जय जी, नमस्कार! कोशिश करूंगा कि गजोधर भाई को समझा पाऊँ. अगर नहीं माने तो आपको बुलाऊंगा समझाने के लिए —- या फिर पुलिस की लाठी खाने को कलेजा मजबूत करना पड़ेगा. प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद!

psudharao के द्वारा
September 18, 2011

जवाहर जी सुंदर लेख के लिए बधाई . मीडिया में आने के लिए अनशन उपवास के साथ चेले चमचों की भी जरूरत पड़ेगी इसके लिए हम सब ब्लॉग बंधु आपके साथ हैं पी सुधा राव

    jlsingh के द्वारा
    September 18, 2011

    सुधा जी, नमस्कार. इसी आशा के साथ कि नेक काम में आपलोगों का सहयोग अवश्य मिलेगा — गजोधर भैया उत्साहित हैं. आप सभी सादर आमंत्रित हैं. प्रतिक्रिया देने के लिए धन्यवाद. जवाहर.

abodhbaalak के द्वारा
September 18, 2011

जवाहर भाई बड़ा ही सुन्दर व्यंगा है जिसमे हास की भी चाशनी बड़े ही …… वैसे राजभाई को आप जो भी काम दे दें, वो करेंगे बड़े ही मन से, बस उन्हें बहनजी लोगों से …. खास कर के …………. मज़ेदार रचना के लिए बंधाई http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    jlsingh के द्वारा
    September 18, 2011

    अबोध जी, नमस्कार! आप मेरे प्रथम प्रेरणा श्रोत हैं. जब मैंने इस मंच पर कदम रक्खा ही था की आपने आगे बढ़कर मेरा हाथ थामा था और फिर मुझे चलना सिखाया. राजकमल साहब ने मार्गदर्शन किया. यह सब आपलोग जैसे शुभाकांक्षी पथ प्रदर्शकों के चलते ही आज अपनी उपस्थिति महसूस कर रहा हूँ.आगे भी आपलोगों का सहयोग मिलता रहेगा इसी आशा के साथ — आपका जवाहर.

rajkamal के द्वारा
September 18, 2011

प्रिय जवाहर लाल जी ….. सप्रेम नमस्कार ! आपने इस बार बहुत ही बढ़िया प्रयास किया है तारीफ के काबिल ….. आपने मुझको जो इज्जत दी है मैं उसके काबिल नहीं हूँ क्योंकि कानून की मुझको कोई जानकारी नहीं है …. जोड़ तोड़ मैं जानता नहीं हूँ ….. अगर मिडिया के लिए प्रवक्ता बना देते तो शायद मैं अपनी डयूटी सही ढंग से निभा पाता ….. आपने मेरा नाम लिया है तो मैंने भी अपने नवीनतम लेख में आपके गजोधर चाचा का इस्तेमाल किया है ….. सुंदर लेख पर मुबारकबाद :) :( ;) :o 8-) :| http://rajkamal.jagranjunction.com/2011/09/18/“जब-जागरण-गांव-की-सभी-शादी/

    jlsingh के द्वारा
    September 18, 2011

    आदरणीय महोदय, नमस्कार! आप है तो जहान है! जागरण मंच की शान हैं! आपके बगैर भला हमलोग अपने उद्देश्यों में सफल कैसे हो पाएंगे. आपके आशीष और मार्गदर्शन में ही हमलोग(नए ब्लॉगर) अपनी आधार बनाने में कुछ हद तक कामयाब हुए हैं!– आगे भी आपके मार्गदर्शन और आशीष की कमाना के साथ — जवाहर.

Santosh Kumar के द्वारा
September 18, 2011

आदरणीय जवाहर लाल जी ,..सादर प्रणाम …आया मौसम ….उपवास का ,…,…,..हींग लगे ना फिटकरी ,..रंग मिले चोखा ….फायदे तो हैं इसके ,..तो फिर गजोधर भैया का दिमाग तो घूमेगा ही ,.. वैसे इंतजाम ना भी हो पाए तो भी निराश नहीं होना चाहिए ,..उपवास तो सरकार करा ही रही है ,..बस मीडिया के हल्ले से दूर है ,.. ..वैसे हिन्दुस्तान की मीडिया है बड़ी कमाल की ,..जब तक बंदा बोर न हो जाये तब तक एक खबरी गाय को लगातार दुहते हैं ,…अति सुन्दर मौसमी पोस्ट के लिए हार्दिक आभार http://santo1979.jagranjunction.com/

    jlsingh के द्वारा
    September 18, 2011

    प्रिय भाई संतोष जी, नमस्कार! आपने मेरे परिश्रम का आकलन किया और उत्साह वर्धक प्रतिक्रिया दी, इसके लिए आभार. अब यही एक मौसम( उपवास का) सदाबहार रहनेवाला है चाहे मजबूरी में या शौक से!


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