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२०१४ का भारत!

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टी वी पर बाबा राम देव और अन्ना हजारे साथ साथ प्रेस को सम्बोधित कर रहे थे.- “हमारे पास मुश्किल से डेढ़ साल बचे हैं. हम नहीं चाहते की कोई चलती हुई सरकार गिर जाय. हम इन्हें २०१४ तक का समय देते हैं. लोकपाल बिल लाओ, भ्रष्टाचार हटाओ और विदेशों में रखे काले धन को वापस लाओ, नहीं तो घर जाओ!” मंच पर दो ही लोग बैठे थे तीसरा कोई नहीं था. मीडिया वाले ने सवाल पूछा – “केवल आप दोनों दिख रहे हैं’ आप दोनों की टीम कहा है. न तो अरविन्द केजरीवाल दिख रहे हैं न ही बाल कृष्ण?” अन्ना जी अभी कुछ कहते, तबतक बाबा रामदेव बोल उठे – “बालकृष्ण तो अपनी बागवानी से कुछ नई जडी बूटी के बारे में अनुसन्धान करने गए हैं, जिसे विदेशों में बिक्री कर डॉलर अपने देश के लिए लाया जाय और अरविन्द जी किसी मंत्री के यहाँ गए हैं अपना हिशाब चुकता करने और उसका स्टिंग ऑपरेशन करने! वैसे आप सबलोग तो हमारे साथ हो ही और आपके साथ इस देश के लाखों करोड़ों लोग. हमारा अभियान दो दिशाओं में चलेगा. महाराष्ट्र में अन्ना जी मोर्चा सम्हालेंगे और मैं छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश.”

प्रेस कांफ्रेंस अभी चल ही रहा था की कब मुझे नींद आ गयी पता ही न चला! और आजकल मुझे अजीब अजीब सपने आने लगे हैं. जबकि मेरे वरिष्ठ लोगों ने मना किया था की दिन में सपने मत देखा करो. पर जब दिन में नींद आ जाय और नींद में सपने तो मैं क्या करूँ.

सपने में ही मुझे सन २०१४ का नजारा दिखने लगा. भारत स्वाभिमान पार्टी (बी एस पी) बहुत ही भारी बहुमत से जीती है. इन्हें दो तिहाई बहुमत मिल गया है. सभी राजनीतिक पार्टियों की जमानत जब्त हो गयी है. कुछ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में कुछ पत्रकार और साहित्यकार भी चुनाव जीत गए हैं.

बाबा रामदेव को सर्वसम्मत्ति से प्रधानमंत्री बना दिया गया है और अन्ना हजारे राष्ट्रपति पद की शोभा बढ़ा रहे हैं. अन्ना जी अभी प्रधान मंत्री और उनके सदस्यों को शपथ दिलवाने की तैयारी कर रहे थे तभी उनके कक्ष में अरविन्द केजरीवाल का आगमन होता है.- “अन्ना, प्लीज बाबा से बात करो न! मुझे उप प्रधान मंत्री बना दें, नहीं तो उनको अकेले पीएमओ परेशान कर देगा. मैं उनके साथ साए की तरह रहूँगा. तो उनको कोई परेशानी न होने दूंगा”. अन्ना ने मोबाइल पर बाबा रामदेव से बात की और थोड़ी न नुकुर के बाद वे मान गए! अब शपथ ग्रहण समारोह शुरू हुआ प्रधान मंत्री के साथ उनके २० सदस्यीय मंत्री परिषद् ने शपथ ली.

शपथ ग्रहण के बाद मंत्री परिषद् के विभागों का बटवारा कुछ इस तरह से हुआ.

१. स्वामी राम देव. – प्रधान मंत्री, विदेश मंत्रालय, रक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी के अलावा वे सभी विभाग जो अन्य किसी मंत्री के पास न हो.

२. अरविन्द केजरीवाल – उप प्रधान मंत्री, वित्त विभाग.

३. मनीष सिसोदिया – संसदीय कार्य मंत्री.

४. प्रशांत भूषण – कानून.

५. किरण बेदी- आन्तरिक मामले.

६. कुमार बिस्वास – कला संस्कृति, और युवा मामले.

७. बालकृष्ण – स्वास्थ्य.और परिवार कल्याण

८. मुनीश गुप्ता – अदालती मामले.तथा पुरातत्व विभाग.

९. वासुदेव त्रिपाठी- प्राचीन इतिहास और पुराण

१०. निशा मित्तल – नारी कल्याण

११. सरिता सिन्हा – जल संसाधन

१२. मीनू झा – गृह सज्जा और दाम्पत्य विभाग.

१३. अलका गुप्ता – परिवार सामंजस्य

१४. राजकमल – जनसँख्या नियंत्रण और अंतर्जाल लेखन

१५ प्रदीप कुशवाहा – वरिष्ठ जन कल्याण.

१६.शशिभूषण – साहित्य और कविता

१७. डॉ. बाली- उर्दू शिक्षा और गजल लेखन

१८.संतोष कुमार – सरकारी प्रवक्ता और सूचना विभाग.

१९.दिनेश आस्तिक – अंधविश्वास निर्मूलन

२०. अनिल कुमार – सामजिक कुरीति निर्मूलन

मंत्री मंडल का विस्तार

सुरेन्द्र भ्रमर- अंतर्जाल अपराध नियंत्रण

राजीव झा- बाल कल्याण

यमुना पाठक – उच्च शिक्षा

अशोक रक्ताले – भ्रूण परीक्षण नियंत्रण.

कृष्ण श्री – दिल और संवेदना

अब्दुल रशीद – सीमा सौहार्द्र

अश्विनी कुमार – वन एवं पर्यावरण.

इसके अलावा और भी मंत्री बनाने योग्य उम्मीदवार जो प्रतीक्षा सूची में है उन्हें अगले विस्तार में जगह दी जायेगी.

बाबा रामदेव अपने प्रधान मंत्री कार्यालय जाने के साथ ही अवकाश प्राप्त जनरल वी के सिंह को अपना रक्षा सलाहकार नियुक्त करते हैं और DRDO के डिरेक्टर को तलब करते हैं. अब हमे अग्नि- ६ का निर्माण करना है जिसकी मारक क्षमता १०,००० KM तक हो और उसकी परिधि में जो भी आए उसे अपने अधीन कर लेना है ताकि भारत एक वृहत राष्ट्र का दर्जा प्राप्त कर सके.

- इसके अलावा कुछ और भी परिवर्तन करने की योजना है. सभी मंत्री परिषद् के सदस्यों के साथ मीटिंग कर जो निर्णय लिया गया वे इस प्रकार हैं.

- अब गाँव शहर की तरफ नहीं आयेगा, बल्कि शहर गाँव की तरफ जायेगा. मसलन, आपको गाँव के उत्पाद लेने के लिए आपको खुद गाँव चलकर जाना होगा और किसानों को उसको उचित मूल्य देकर खरीदना होगा. दूध लेने भी आपको गाँव जाना होगा. इससे दो फायदे होगे. आपको शुद्ध दूध तो मिलेगा ही शुबह की शुद्ध और ताजी हवा भी मिलेगी. सब्जियां ताजी और उचित मूल्य पर मिलेगी.

- सभी विद्यालयों में योगाभ्यास आवश्यक होंगे. यहाँ तक की वयस्क शिक्षा में भी पहले योग का क्लास होगा.

- महर्षि बालकृष्ण के आश्रम में नित्य नयी जडी बूटी पर शोध किये जायेंगे और अब आयुर्वेदिक दवाएं निर्यात भी की जायेंगी.

- हर घर के सामने पीपल का पेड़, अशोक का पेड़, आम का पेड़, बेल का पेड़ आदि अवश्य लगाये जायेंगे और हर घर में तुलसी का पौधा भी अनिवार्य किया जायेगा.

- साधुसंतों के लिए अरण्य में ही पर्णकुटी की ब्यवस्था की जायेगी . नगर में प्रवेश, सिर्फ पर्व त्यौहार में ही कर पाएंगे. या कभी आवश्यक अनुष्ठान की अगर आवश्यकता हो तो उन्हें निमंत्रण और वाहन भेजकर बुलाया जायेगा.

- मांस और मदिरा पूर्ण रूपेण वर्जित होगा, फलों या सब्जी के जूस ही पेय पदार्थ होंगे. तम्बाकू की पैदावार बंद. केवल पान का सेवन कर सकते हैं.

- चोकोलेट, पिज्जा, बर्गर निषिद्ध होगा. हरी सब्जी और फलों से बने सुपाच्य भोजन ही सभी करेंगे.

- अपने घर की सफाई अपने आप करनी होगी और बाहर ही सफाई नगरपालिका या पंचायत के कर्मचारी करेंगे.

- महिलाएं पूरे कपड़े में घर से बाहर निकलेंगी और पुरुष अपनी आँखों पर चश्मा लगाकर चलेंगे.

- किसानो का भी यूनियन होगा और कोई बिचौलिया नाजायज फायदा नहीं उठाएगा.

- आहार ब्यवहार नियमित रखने से बीमारियाँ वैसे ही कम होंगी इसलिए अधिंकाश अस्पताल बंद कर योग केंद्र बनाये जायेंगे.

- सब कुछ सब जगह उपलब्ध होगा इसलिए आपको ज्यादा दूर सफ़र नहीं करना होगा. इस तरह पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम होगी. पेट्रोल के दाम अपने आप गिर जायेंगे.

- सभी अपना टैक्स इमानदारी से अदा करेंगे इसलिए हर साल नए नए टैक्स लगाने की आवश्यकता ही न पड़ेगी.

- भारत इतना समृद्ध राष्ट्र होगा की अमेरिका भी भारत से दोस्ती बनाये रखने में गर्व महसूस करेगा और ओबामा आदि यहाँ आकर योग की शिक्षा लेंगे. संसद में राष्ट्रिय अवकाश के दिन छोड़कर सब दिन काम होगा.

- सरकारी कर्मचारी को अपना काम पूरा कर ही घर जाना होगा. घर के या परिवार के अन्य सदस्यों की जिम्मेदारी सरकार लेगी.

- बच्ची पैदा करने और पालन करने के लिए उपयुक्त सुविधा दी जायेगी. अगर संभव हुआ तो बच्चियों और असके माता पिता के लिए आरक्षण की सुविधा भी दी जायेगी.

- सभी ब्लॉग लिखने वाले को उनके ब्लॉग की गुणवत्ता के आधार पर उचित पारिश्रमिक दिया जायेगा या मासिक अनुदान की घोषणा की जायेगी. कविता लिखने वाले को ज्यादा पारिश्रमिक होगा वह भी अगर छंद बद्ध हो तो उसे लाभांश भी मिलेगा.

- प्राचीन संस्कृति की रक्षा के लिए अलग से विभाग बनेंगे और उसपर कार्य करने वाले या शोध करने वाले को डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा जायेगा.

- योजनायें अब एकवर्षीय होंगी और हर साल उनमे सुधार किये जायेंगे.

- विदेशों में जमा काला धन वापस अगर आ गया तो पञ्च साल तक टैक्स छूट!

- गैरपारम्परिक उर्जा स्रोत की खोज की जायेगी और तदनुसार विकास किये जायेंगे.

- प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हर हाल में की जायेगी.

- सभी नदियों को आपस में जोड़ दिए जायेंगे और तटबंध ऊंचे कर दिए जायेंगे ताकि कभी भे अतिवृष्टि या अल्पवृष्टि का फलाफल से बच सकें.

- जंगल काटने के बजाए संतों को आवंटन कर दिया जायेगा और उनके रक्षा की जिम्मेवारी भी उन्ही पर सौंप दी जायेगी.

- बहुमंजिली ईमारत बनाने वालों को ज्यादा ‘कर’ देना होगा ताकि इसे हतोत्साहित किया जा सके. हर ईमारत को ऐसा बनाया जायेगा ताकि उसमे धूप, हवा आदि की पूर्ण उपलब्धता रहे, जिससे बिजली का भी बचत हो और हम ज्यादा से ज्यादा प्रकृति के करीब रहें.

- बच्चे दो ही अच्छे पर अगर ‘एक’ हैं तो उन्हें विशेष सुविधा दी जायेगी, जिससे जनसँख्या नियंत्रित रहे.

- कोई बच्चा या बुजुर्ग किसी पर बोझ न हो उसकी पर्याप्त देख भाल की जाने की ब्यवस्था हो.

- इतने सारे कार्यक्रम की योजना बना ली गयी है और इसे हर साल पुनरीक्षित किया जायेगा.

- इसके अलावा कोई भी सुधार के परामर्श का हमेशा स्वागत होगा. अत: सुझाव अवश्य दें!

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106 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Jitendra Mathur के द्वारा
May 14, 2016

आपका यह पुराना लेख पढ़कर आनंद आ गया सिंह साहब । आपकी कल्पना-शक्ति का क्या कहना ! प्रतिक्रियाओं को पढ़कर आभास हो रहा है कि पहले बहुत-से उत्कृष्ट ब्लॉगर यहाँ सक्रिय रहा करते थे जो हृदय से निर्मल, मस्तिष्क से सुलझे हुए एवं विचारों से निष्पक्ष थे । वैसा सुखद वातावरण अब इस मंच पर दिखाई नहीं देता ।

    jlsingh के द्वारा
    May 14, 2016

    हार्दिक आभार आदरणीय जितेन्द्र माथुर साहब. उस समय हम सब एक दूसरे के काफी करीब थे. सभी एक दूसरे के ब्लॉग को पढ़ते थे. सभी एक दुसरे के विचारों की कद्र भी करते थे. ब्लॉग पढ़ने के लिए और प्रतिक्रिया व्यकत करने के लिए पुन: आभार!

sadguruji के द्वारा
May 8, 2016

आदरणीय सिंह साहब ! सुप्रभात ! बहुत खूब ! क्या गजब का आपने सपना देखा है और लिखा है ! बहुत मनमोहक और कल्पनाशील पोस्ट है ! मैं तो उस समय इस मंच से जुड़ा ही नहीं था ! किन्तु उस समय के एक से बढ़कर एक अनगिनत विद्वानों की ढेरों प्रतिक्रिया पढ़कर यही लगता है कि साहित्यिक दृष्टि से वो इस मंच का स्वर्णिम युग था ! क्रिया-प्रतिक्रिया से दूर हो अब तो अधिकतर लोग सिर्फ लिखे जा रहे हैं ! यही वजह है कि बहुत सी अच्छी रचनाएँ एक प्रतिक्रिया पाने तक को तरस जा रही है ! उस समय यानि 2011 -12 में मंच पर ऐसी प्रतिभाशाली और सक्रीय विद्वत मंडली थी जो सबकी कलम को अच्छा से अच्छा लिखने को प्रोत्साहित रहती थी ! तब मंच पर काफी कम्पटीशन भी था, लेकिन यही कम्पटीशन ब्लॉगर को अच्छा से अच्छा लिखने को मजबूर भी कर देता था ! पुराने ब्लॉगरों कि रचनाओं तक किसी प्रतिक्रिया के जरिये ही फ़िलहाल पहुंचा जा सकता है ! उस समय के अधिकतर साहित्यकार मंच से आज गायब हैं, किन्तु उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक धरोहर मंच पर अब भी मौजूद है, जिसे न सिर्फ सम्भालकर रखने की जरुरत है, बल्कि उनतक सहजता से आज के ब्लॉगर पहुँच सकें, इसकी भी व्यवस्था करने की जरुरत है ! कुछ दिन पहले जागरण मंच को मैंने सुझाव दिया था कि पुराने ब्लॉगरों की रचनाओं तक आसानी से पहुँचने के लिए मंच न सिर्फ उनकी एक लिस्ट मुख्य पेज पर प्रकाशित करे, बल्कि सर्च करने की सुविधा भी प्रदान करे ! सादर आभार !

    jlsingh के द्वारा
    May 8, 2016

    बहुत बहुत आभार आदरणीय सद्गुरु जी, आपने उस दौर के ब्लोग्स और प्रतिक्रियाएं पढ़ी देखी यह मेरे लिए हर्ष और गौरव की बात है. दरअसल उसी समय मैंने ब्लॉग लिखने की शुरुआत भी की थी और जो कुछ सीख मैंने यहीं से सीखा . सभी ब्लॉगर एक दूसरे को पढ़ते थे, सुधार के उपाय भी बताते थे. उस समय की आत्मीयता अजीब ही थी. आज भी है लेकिन कुछ ही लोगों के बीच है. सादर!

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
May 3, 2012

जी सिंह जी, सादर ! काश, दिन में आप के द्वारा देखे गए सपने साकार हो जाएँ तो मजा आ जाये | दिल को गुदगुदाने वाला हृदयस्पर्शी आलेख के लिए बहुत-बहुत आभार ! पुनश्च !

    jlsingh के द्वारा
    May 8, 2016

    उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार आदरणीय आचार्य जी!

Punita Jain के द्वारा
April 28, 2012

बहुत सही लिखा है |मैं भी कुछ दिन पहले ऐसा ही सोच रही थी |

    jlsingh के द्वारा
    April 29, 2012

    धन्यवाद पुनीत जी, मेरे ब्लॉग पर आने के लिए! यह तो सपना है , अगर सच हो जाये तो क्या कहने!

    jlsingh के द्वारा
    April 29, 2012

    सॉरी क्रिपय पुनीता जी पढ़ें!

munish के द्वारा
April 27, 2012

आज जब मैं अपनी ख्वाबगाह से लौटा तो आपके हसीन ख्वाब को पढ़कर फिर से ख़्वाबों की दुनियाँ में लौटने का मन करने लगा…… क्योंकि हकीकत की दुनियाँ ख़्वाबों के मोल कहाँ हैं ?…… मैं तो ऊपरवाले से यही दुआ करता हूँ की कम से कम आपका ख्वाब ज़रूर पूरा हो चाहे किसी का हो या न हो, क्योंकि एक तो देश में रामराज आ जाएगा और दूसरा मैं भी मंत्री बन जाऊँगा …….. आमीन

    jlsingh के द्वारा
    April 28, 2012

    आदरणीय मुनीश बाबु, सादर अभिवादन! हमारे सपने सर्वजन हिताय है इसे पूरा करने के लिए भी सबका सहयोग अपेक्षित है. अगर ऐसा हो गया तो मेरा क्या, गांधीजी का रामराज्य का सपना भी पूरा हो जायेगा! आपने उत्साह वर्धन किया उसके लिए आभार!

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
April 26, 2012

शेर बूढ़ा हो गया बैठे बैठे खाएगा दुःख बचाने को हर जगह छतरी लगवाएगा. राजीव जी रचेंगे विरह गीत राजकमल जी हंसायेगा हुंकारेंगे जब शशिदेव दुश्मन थर्रायेगा बंटेगा न अब ये देश न कोई आरक्षण होगा बच्चे बूढ़े दीन जानो को पूरा संरक्षण होगा. राष्ट्र चरित्र के पाठ होंगे जवाहर लाल नहीं भाई जवाहर पढाया जायेगा. अभी बहुत कुछ नेट स्पीड बढाया जायेगा. वन्दे मातरम्.

    jlsingh के द्वारा
    April 26, 2012

    आदरणीय महोदय, सादर प्रणाम! आपके आशीर्वाद और परामर्श से सचमुच हमारे सपनों का भारत महान होगा और विश्वगुरु भी बनेगा! समर्पण और सेवा भाव हम सब के अन्दर आना चाहिए! राजीव राजकमल को प्रकाशित करने शशि और सूर्या बाली अवश्य आएंगे. बच्चे, बूढ़े, दीन के संरक्षक जब आप होंगे तो फिर रामराज्य को आने से कौन रोक सकेगा! आभार सहित!

    April 29, 2012

    राम राज्य की स्थापना आप सभी बाद में करियेगा……एक नया खेल खेलने वाला हूँ उसमे आप सभी आमंत्रित हैं…..वह कौन सा ब्लागेर खुश्नाशीब होगा जिसके ब्लाग से इस खेल का आयोजन शुरू होगा…..वह इस महँ देश में किसी महँ घटना के घटित होने के बाद ही तय होगा……तब तक आप सभी च्यवनप्राश खाते रहिये…….

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
April 24, 2012

भाई अच्छा हुआ अगर मंत्रि मंडल का विस्तार न हुआ होता तो हम तो नीबू नून लिए …केवल छंद हाइकु हाइगा सीखने मुक्तक सीखने में अपनी तुमड़ी लिए लगे रहते की कल अच्छा मेहनताना तो मिले दो जून की रोटी तो मिले इस रामराज्य की परिकल्पना में …बाबा जी के पास इतना भार देंगे तो अभी सेक्रेटरी और बढ़ाने होंगे ..अभी प्रतीक्षा सूची में बहुत लोग हैं न ! बहुत अच्छी मंत्रणा और गठन रहा ….सुधार होते रहना चाहिए लोकपाल जैसा ..एक और विधेयक बनेगा क्या ? उधर सरकार ठंडा बस्ता और बनवा रही है … जय श्री राधे भ्रमर ५

    jlsingh के द्वारा
    April 25, 2012

    आदरणीय भ्रमर महोदय, सादर अभिवादन! आप तो कविता लिखकर ही ज्यादा कम लेते ! पर एक और गुण है आपमें. नक़ल करनेवाले को पकड़कर उठक-बैठक भी करवाते हैं, इसी लिए झा जी की सिपारिश पर….. खैर घबराइए नहीं अच्छे काम के आधार पर प्रोन्नति की भी गुंजाइस है….. दरअसल, बाबा सरकारी खर्च कम करना चाहते हैं. सेक्रेटरी का काम आपका लैपटॉप करेगा!…… हा हा हाहा …. सरकार ठंढा बस्ता बनवा रही है अपने लिए…. कयोंकि अब वही आश्रय लगता है उसका!!!!! आप आए बहार आई ! आभार!

yogi sarswat के द्वारा
April 24, 2012

आदरणीय श्री जवाहर जी , सादर नमस्कार ! काश ! ये सपना सच हो जाये ! राम राज्य की कल्पना करी है आपने ! सब कुछ व्यवस्थित सा लगता है ! एक एक महानुभाव को उसकी विशेषता के हिसाब से मंत्री पद दिया गया है , हालाँकि मुझे कार्यकर्ता ही बना लिया होता , संतुष्टि रहती ! हहहहाआआआआअ आपका आशीर्वाद मिल रहा है ! व्यवस्था बहुत अच्छी है , भारत सरकार करे न करे आपने महिलाओं को ३३ % आरक्षण दे ही दिया है ! कुछ लोगों को नव्स्राजित विभाग भी दिया गए हैं ! बहुत बढ़िया ! मंत्रिमंडल का अगला विस्तार करें तो एक नज़र मेरी तरफ भी ! या की कुछ लेना देना पड़ेगा , हहहाआआआआआआआआ ! बहुत बहुत अच्छी रचना ! आपका आशीर्वाद मिलता रहे और मार्गदर्शन भी !

    jlsingh के द्वारा
    April 24, 2012

    आदरणीय योगी जी, सादर अभिवादन! आप तो असक्रिय सदस्य हैं महोदय! अभी भी बहुत रिक्त स्थान है आप अपना पसंद तो बताइए ! ……. कई लोग तो विपक्ष में ही रहना पसंद कर रहे हैं वहां भी नवयुवक लोग ही एकत्रित हैं आप तो नवयुवकों की श्रेणी में आते है ….. क्या ख्याल है. मंत्री परिषद् के निर्णय में भी अपना सुझाव अवश्य दीजिये .. राम राज्य की कल्पना को साकार करने में सबका योगदान बहुत ही आवश्यक है! प्रातक्रिया हेतेऊ आभार!

    jlsingh के द्वारा
    April 24, 2012

    आदरणीय योगी जी, सादर अभिवादन! आप तो सक्रिय सदस्य हैं महोदय! अभी भी बहुत रिक्त स्थान है, आप अपना पसंद तो बताइए ! ……. कई लोग तो विपक्ष में ही रहना पसंद कर रहे हैं. वहां भी नवयुवक लोग ही एकत्रित हैं. आप तो नवयुवकों की श्रेणी में आते है ….. क्या ख्याल है. मंत्री परिषद् के निर्णय में भी अपना सुझाव अवश्य दीजिये .. राम राज्य की कल्पना को साकार करने में सबका योगदान बहुत ही आवश्यक है! प्रतिक्रिया हेतु आभार!(कुछ टाइपिंग मिस्टेक था इसीलिये पुन: पोस्ट कर रहा हूँ!)

    कुमार गौरव के द्वारा
    April 26, 2012

    आदरणीय सिंह सर, योगी जी तो मंत्री पद के लिए कुछ लेने देने पर उतारू हो गए. लगता है ये मेरे ‘बड़े दिलवाले नेता जी हमारे (मेरी नई रचना)’ की तरह के नेता बनने जा रहे हैं…अब वैसे नेताओं ने ही तो देश को IPL बना दिया है…इन्हें कोई सडियल मंत्रालय ही दीजियेगा अन्यथा ये वहां घोटालों की लाइन लगा देंगे…हा…हा…हा…

minujha के द्वारा
April 24, 2012

सादर धन्यवाद जवाहर जी मेरे चिरस्वप्न को पूरा करने के लिए,(बचपन में पढाई से भागने के लिए अक्सर मैं कहा करती थी कि मुझे तो नेता ही बनना है),विभाग पर पुनर्विचार कर लेते तो ठीक रहता फिलहाल गृहिणी हुं,चिखचिख से खुद परेशान रहती हुं,कोई हल्का-फुल्का विभाग मिल जाता तो……,आप समझ रहे है ना…..

    jlsingh के द्वारा
    April 24, 2012

    आदरणीय मीनू जी, सादर अभिवादन! आपके अनुभव का लाभ पूरे देश को मिलना चाहिएयही तो बाबा रामदेव का सपना है! वैसे आपको यह विभाग एक साल ही तो सम्हालना है अगर योग्यत दिखाएंगी तो पुनरीक्षण समिति विपक्ष वाले …. आदि आदि .. !!! आप तो जानती ही हैं अपने प्रतिक्रिया रखने का आभार! यहाँ लोकतंत्र है विचार व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता!

shashibhushan1959 के द्वारा
April 23, 2012

आदरणीय जवाहर भाई, सादर ! ये आपने क्या कर दिया ! मेरा दिल तो पहले से ही कमजोर है, ऊपर से एक जिम्मेवारी भी लाद दी ! मैं तो अपने हार्ट का या किसी अनाम बिमारी का इलाज कराने अमेरिका चला ! वो भी सरकारी खर्चे पर ! (वैसे बिमारी तो सिर्फ बहाना है, मुझे तो अपने काले धन को सही जगह दिखाना है ! बस संतोष भाई और प्रदीप जी कि नजर न पड़े !) अब तो मेरी रचनाओं के सुर भी बदल जायेंगे……. “भाड़ में जाए देश का काम, करना है केवल आराम, देशी नहीं विदेशी जाम, जय रघुनन्दन जय सियाराम !”"

    jlsingh के द्वारा
    April 24, 2012

    आदरणीय शशि भूषण जी, सादर अभिवादन! मैंने तो सोचा था आप आएंगे तो उजाला और बढ़ जायेगा मुझे क्या पता था पद और प्रतिष्ठा पाकर आपका सुर बदल जायेगा! वैसे प्रदीप महोदय और संतोष जी के साथ आपका अर्जुन क्या आनंद मनायेगा! नेता विपक्ष है वो, जोर जोर से चिल्लाएगा! महोदय आप आए बहार आयी टीम अन्ना के भी सर बदल गए हैं भाई! आशंका तो पहले से थी अब खुलकर सामने आई! य दोनों नदी के दो किनारे हैं कभी नहीं मिलेंगे????? बीच से भ्रष्टाचार की गंगा को यों ही बहने देंगे! भाजपा ने भी किनारा कर लिया है श्रेय और सत्ता के लालच में, चोला अपना बदल लिया है!!!!!! आभार!

    कुमार गौरव के द्वारा
    April 24, 2012

    सिंह सर आप चिंता न करें. जो मंत्री भ्रष्ट होंगे हम भी उन्हें चैन से नहीं बैठने देंगे. हम संसद से सड़क तक आवाज उठाएंगे. जनता के सामने सच्चाई ला के रहेंगे…हमारी संख्या कम है हिम्मत नहीं…

    jlsingh के द्वारा
    April 24, 2012

    गौरव जी, यही हौसला हमेशा बुलंद रहना चाहिए और जागरूक रहना है. नेता विपक्ष आनंद जी को और सभी विपक्षी सदस्य को हमेशा जागरूक रहना चाहिए था, इसीलिये हमारा विपक्ष नए लोगो का है जो हमेशा जागरूक और उत्साही है! बहुत बहुत धन्यवाद!

    shashibhushan1959 के द्वारा
    April 24, 2012

    सर मुडाते ही ओले पड़ने की संभावना दीखने लगी ! प्रदीप भैया की छतरी काम आयेगी !

    jlsingh के द्वारा
    April 24, 2012

    प्रदीप महोदय की छतरी के लिए वरिष्ठ नागरिक होना पड़ेगा! अगर तैयार है तो बोलिए फिर हुंकार कौन भड़ेगा????

    shashibhushan1959 के द्वारा
    April 24, 2012

    लीजिये, ये एक नई समस्या खड़ी हो गई ! लगता है पद का मोह त्यागना होगा !

    jlsingh के द्वारा
    April 25, 2012

    शशि महोदय, सादर ! समस्या क्या है, थोड़ा बाल को सफ़ेद करना होगा वरिष्ठ नागरिक का प्रमाण पत्र तो दे ही देंगे, प्रदीप महोदय! आखिर भैया जो ठहरे! हा ..हा .. हा ..हा

jlsingh के द्वारा
April 23, 2012

आनंद जी, अनिल जी, महिमा जी, विक्रम भाई, संतोष भाई आप सब का बहुत बहुत आभार आप सब अपनी आवाज बुलंद करते रहें ….. नेट की समस्या से मैं भी जूझ रहा हूँ इसी लिए ब्याक्तिगत जवाब न देकर एक साथ सबको आभार प्रकट कर रहा हूँ. लोकतंत्र में आवाज उठनी ही चाहिए और बेहतरी का प्रयास हमेशा और निरंतर होना चाहिए! कोशिस करूंगा वार्तालाप जारी रहे! एक बार पुन: धन्यवाद और आभार!

Rajkamal Sharma के द्वारा
April 22, 2012

आदरणीय जवाहर लाल जी …… सादर अभिवादन ! सारा जागरण शहर मुझे लम्पट(मिस्टर मल्होत्रा –सभी बच्चों के अंकल –छक्का मार के खिड़कियों के कांच तोड़ने वाले ) के नाम से जानता है …. फिर भी सरकार की मजबूती और सिथरता के लिए मैं दूसरों को उपदेश जरूर दूँगा जनसख्या नियंत्रण करने के लिए …….. इस मनमोहक रचना पर मुबारकबाद :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :|

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    April 22, 2012

    गुरुदेव आबादी निचे जायेगी या ऊपर………..आपके राज में………….

    jlsingh के द्वारा
    April 23, 2012

    आदरणीय गुरुदेव, साष्टांग दंडवत आपने अपना कार्यभार सम्हाल लिया यह जानकार बेहद ही खुशी हुई! मुझे और स्वामी रामदेव को पूरा भरोसा है की आप अपना कार्य (कर्तव्य) बखूबी निभाएंगे! वैसे ‘नारी कल्याण हेतु’ अगर कुछ अंतराल पर शादी भी रचाएंगे तो भी किसी को आपत्ति नहीं होगी आखिर बाबा और अन्ना ने कुंवारे रहने का फैसला जब ले लिया है तो उनके हिस्से की कन्यायें कहीं न कहीं आपको तो स्मरण कर ही रही होगी न! और शादी करने का मतलब बच्चे पैदा करना जरूरी नहीं होगा, तभी तो दुसरे को सीख मिलेगी – देखो, जनसँख्या नियंत्रण कैसे किया जाता है??? बहुत बहुत आभार आपका महोदय!

    jlsingh के द्वारा
    April 23, 2012

    आनंद जी, नेता विपक्ष की हैसियत से आपकी शंका जायज है, पर यही तो उदहारण प्रस्तुत करना है – आप समझ गए होंगे!

    कुमार गौरव  के द्वारा
    April 23, 2012

    मैं तो पूरी तरह से तैयार हूँ…बढती आबादी ने देश को पंक्चर कर दिया है… http://kg70.jagranjunction.com/

    jlsingh के द्वारा
    April 23, 2012

    प्रिय कुमार गौरव जी, सादर अभिवादन! सच कहा जाय अधिकतम समस्यायों के मूल में बढ़ती हुई जनसंख्या ही है. अगर इसे नियंत्रित रकः जाय तो बहुत सारी समस्यायों का हल अपने आप निकल आएगा!

alkargupta1 के द्वारा
April 22, 2012

सिंह साहब , परिवार में तो सामंजस्य बहुत ही आवश्यक है….इतने बड़े परिवार की ज़िम्मेदारी दे डाली……चलिए बहुत अच्छा है……मंत्री पद संभालने की शपथ भी ले ली…… इसमें कहीं भी किसी गड़बड़ घोटाले की गुंजायश तो नहीं है न….. २०१४ का मंत्रालय…..सपनों के नए भारत के ज़ोरदार दर्शन कार दिए…… अति विनोदी व्यंग्य प्रधान रचना…….

    alkargupta1 के द्वारा
    April 22, 2012

    कृपया कार को ‘करा ‘ पढ़ें

    jlsingh के द्वारा
    April 23, 2012

    आदरणीय अलका जी, सादर अभिवादन! आपको अपना विभाग पसंद आया, जानकार प्रसन्नता हुई! …. गड़बड़ घोटाले रोकने के लिए लोकपाल के अलावा सशक्त विपक्ष भी तो है जिनका कार्यकलाप अभी से आप देख ही रही होंगी!…. आभार!

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
April 22, 2012

आदरणीय सिंह साहब जी, सादर. अभिवादन सपना माता सीता जी ने भी देखा था. पूरा हुआ . आपने भी देखा , पूरा होगा, राम राज्य आया था. जिसकी कल्पना को अब मूर्त रूप फिर दिया जाना है. जरूरी अब ये है की अब और कोई दूसरा सपना न देखे, जाग्रत रखना है, की लोग सोने न पायें. आपकी होली विशेषांक और ये प्रस्तुति बहुत शानदार है, इस प्रस्तुति को आपके द्वारा बार बार प्रस्तुत करने से और अधिक लाभ होगा. आपके इस लेख पर प्राप्त कमेंट्स ने चार चाँद लगा दिए हैं. और उनमें जागरूकता भी दिखी है, की कैसा भारत वे चाहते हैं. कुछ मंत्री बनने से रह गए, कुछ ने विभागों की शिकायत की, कुछ नेता विपक्ष की भूमिका स्वयं स्वीकार लिए. किसी को उम्मीद थी की पद मिलेगा पर न मिलने पर धन्यवाद दे दिया. अच्छी खेल भावना का प्रदर्शन किया है आभार सभी का. ये लेख चाहें काल्पनिक पात्रों पर हो या वास्तविक पात्रों पर, चूँकि ये सपना है, इसका उद्देश्य मजबूत भारत की कल्पना है, अगर जो महानुभाव अपने को लिप्त मानते हों तो वे नाराज न हों, अपने में परिवर्तन लाते हुए स्वयं ही सर्वोच्च पद पर बने रहें, जनता को तो राहत मिलने से मतलब है. जब केजरीवाल जी ने उप प्रधान मंत्री पद की मांग की तो मैं १९४७ की ओर चला गया. देश का विभाजन . माननीय अन्ना जी, एवं रामदेव जी की स्थिति पूरी तौर पर देश के सामने स्पष्ट नहीं हो पायी है, कारण जो भी हों. मैं इन दोनों में से किसी से नहीं मिला. अखबार, टी वी. ही माध्यम रहा है. बिल कोई भी हो पर काला धन एवं भ्रष्टाचार विचारणीय भी है और इसका निराकरण भी जरूरी है. संतोष जी को विपक्ष में ही बैठना ठीक रहेगा मूरख मंच के साथ. पर इन्हें हमें कोसने में निर्जीव वस्तुओं एवं निरीह प्यारे प्राणियों के सम्मान की रक्षा करनी होगी. क्या दोष है इनका की हमारे कर्मों को लताड़ने के लिए इनका प्रयोग किया जाये. baaki logon को समझा दिया है आपने, वे संतुष्ट हो गए आपको बधाई राष्ट्रीय addyaksh पद hetu. पर मेरा क्या काम है इस विभाग में जो आपने विभाग मुझे दिया, बधाई. आमीन. सब तो कमेन्ट दे कर chale गए, ise कौन पढ़ेगा.

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय सर ..मंत्री पद की बधाई …. पार्टी कब दे रहे है…. काम वाम तो चलता रहेगा :) 5 साल पड़े हुए ..वैसे भी हमे जवाहर सर विपक्ष में बैठा रहे है…. अतः दाना पानी तो आप लोगो के ही देना है… :) संतोष भाई कुछ सुन तो नहीं रहे ….

    कुमार गौरव  के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय कुशवाहा जी सादर प्रणाम मेरी तरफ से भी मंत्री पद की हार्दिक बधाई स्वीकार करें. जान के अच्छा लगा की महिमा जी भी विपक्ष में ही आ रही हैं. उन्हें विपक्ष का मुख्य सचेतक बनाने का फैसला मैं उप-नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से करता हूँ. http://kg70.jagranjunction.com/

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    April 22, 2012

    जवाहर सर…………प्रदीप सर अपने मंत्रालय से संतुष्ट नहीं है………..या तो उनको अच्छा मंत्रालय दीजिये वरना………..मैं उनके लिए नेता प्रतिपक्ष की सिट छोड़ने के लिए तैयार हूँ……….सोच लीजिये एक योग्य मंत्री से आपको हाँथ धोना पर जाएगा………….और यह भी देखिएगा की साथ में संतोष भाई को भी ले के आ रहें है….दो चार और असंतुष्ट सांसदों को भी हम तोड़ ही लेंगे…………..सरिता दीदी भी सूना है नाराज चल रहीं है…….अपने मंत्रालय से………देखिये मध्यावधि चुनाव की आव्सकता ना पर जाए कहीं ………

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 22, 2012

    गौरव जी धन्यवाद , वैसे मुझे ये जानना है ये सर्वसम्मति से निर्णय हुआ है ना

    कुमार गौरव  के द्वारा
    April 22, 2012

    महिमा जी, आपको इस बारे में निश्चिन्त रहना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष आनंद जी तो खुद मौजूद हैं चाहें तो उनसे भी पूछ के तसल्ली कर लें. वैसे भी राजनीति में नेता प्रतिपक्ष और उप-नेता प्रतिपक्ष के बीच ऐसी वैचारिक सहमति होती है की वो अपने-अपने कोटे से निश्चित संख्या में पदाधिकारियों को मनोनीत कर सकते हैं. http://kg70.jagranjunction.com/

    jlsingh के द्वारा
    April 23, 2012

    आदरणीय महोदय, सादर प्रणाम! आप हमारे लिए भीष्म पितामह के सामान हैं. आप भी अच्छी तरह जानते हैं कि भीष्म पितामह का उपदेश सुनने के लिए अंतिम समय तक उनके चारो तरफ श्रोताओं की कमी न थी! आपकी शंका जायज है, पर जिस प्रकार प्रेस कांफेरेंस में टीम अन्ना के किसी सदस्य ( केजरीवाल) का न होना क्या इस आशंका को जन्म नहीं दे रहा है. केजरीवाल अन्ना के साथ टी वी कार्यक्रम में भी साथ रहते थे, तो बाबा रामदेव के समय अन्ना का साथ क्यों छोड़े? ……. आपके विभाग और कार्य के बारे में मेरा मनोभाव यही रहा है कि जिस प्रकार आजकल बुजुर्गों को अंत में बेसहारा छोड़ दिया जा रहा है, कम से कम नए भारत में ऐसा न हो, यही उम्मीद मैं आपसे रखता हूँ! आपका आशीर्वाद मिलता रहे इसी आशा के साथ!

Rajesh Dubey के द्वारा
April 22, 2012

सुन्दर सपना आपने देख लिया. काश! मुझे भी इस तरह का सपना दिख जाता. सुन्दर रचना.

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    दुबे जी, नमस्कार! सपना तो हमने दिखा दिया अब इस सपने को सच करने के लिए हम सबको प्रयास करना होगा! उत्साह वर्धक प्रतिक्रिया के लिए आभार!

div81 के द्वारा
April 22, 2012

मंत्री पद के लिए बहुत से लोगो ने दावेदारी कर दी है ………….. चलिए हम तो सपनो के भारत के दर्शन कर के वैसे ही खुश हो गए जैसा आप सपना देख कर हुए होंगे आदरनीय सिंह जी बहुत अच्छा लगा आप का ये सपना और मंत्री पद भी अच्छा वितरित किया……………………… बहुत बढ़िया

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीया दिव्या बहन सादर अभिवादन! चलिए आप तो मेरे सपने से खुश हुए! अगर ये सपने सचमुच के सच हो गए तो पूरा देश खुश होगा! काश! ऐसा हो पाता! उत्साह वर्धन के लिए आभार!

D33P के द्वारा
April 22, 2012

सिंह साहब हमें भी कोई विभाग दिला देते 2014 तक तो हम भी इंतज़ार कर लेते .खैर कोई बात नहीं पुनर्गठन हो हमारे नाम पर भी विचार कर लीजियेगा ………..बहुत बढ़िया प्रस्तुति

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    दीप्ति जी, नमस्कार! आप भी प्रतीक्षा सूची में हैं पुनर्गठन होने दीजिये! २०१४ में वक्त अभी बाकी है! उत्साह वर्धन के लिए आभार!

nishamittal के द्वारा
April 22, 2012

वाह सिंह साहब नारी कल्याण का मन्त्रालय तो दिलवाया बेईमान होते तो नहीं देखा राजनीति का चस्का लगते ही.और आपको कौन सा मन्त्रालय मिला बताया नहीं.चुटीला व्यंग्य.

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    माननीया, नमस्कार और बधाई! बेईमानी की बात मत करिए…… अब लोकपाल होगा… !!! नियंत्रण करने के लिए … लगाम जनता के हाथ होगी! …….मेरा विभाग अब संतोष जी के हाथ में है क्योंकि मूरख मंच के लिए कुछ आरक्षित कोटा बनता है……. स्वतंत्रता सेनानी जो ठहरे!

sinsera के द्वारा
April 22, 2012

भाई हो कर बहन को सिर्फ जल संसाधन….?? इस में तो खाने कमाने का कोई जुगाड़ ही नहीं है….

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    दीदी, ममता दीदी न बनो! यहाँ लोकपाल भी रहेगा और नेता विपक्ष भी. अभी बादल की जिम्मेवारी सम्हालो मूल्यांकन के बाद भविष्य में और बेहतरी के बारे सुझाव और परामर्श अपेक्षित है! नदियाँ सूख चली है उन्हें तो पहले आबाद करो, खेतों को हरियाली, मोर की लाचारी, प्यासों को पानी यह सब एक बहन ही दे सकती है! फिलहाल नमस्कार और आभार!

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 22, 2012

    सरिता दी मुबारक हो .. थोडा खर्चा पानी इधर भी … बहना का ध्यान रखना

कुमार गौरव के द्वारा
April 21, 2012

आदरणीय सिंह साहब, आपने ये तो बताया ही नहीं की इनमें कौन कैबिनेट मंत्री है और कौन राज्य मंत्री. हा..हा..हा.. दूसरी बार कमेंट्स दे रहा हूँ. क्या करूँ इतनी रोचक रचना है की बार-बार पढने का मन कर रहा है. आपसे नम्र अनुरोध ये है की मेरे मित्र आनंद प्रवीन जी और चन्दन राय जी को भी कोई उचित मंत्रालय दे दीजियेगा (राज्य मंत्री ही सही) अन्यथा हमलोग इस सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे…ही…ही…ही…

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय कुमार गौरव जी, सादर अभिवादन! आनंद प्रवीन जी नेता विपक्ष चुन लिए गए हैं, जो जिस लायक है उन्हें वही पद मिलना चाहिए, फिर अभी तो बहुत पद खाली है, सरकार और देश का हित सबसे ऊपर है सुझाव तो आयेंगे ही और उन्हें अमल में लाने के लिए मंत्री मंडल का विस्तार किया जायेगा अभी तो बहुत ही कम मंत्री बनाये गए हैं. यह प्रधान मंत्री के ऊपर निर्भर करता है की किसे कौन सा विभाग दें! आप अच्छी तरह जानते है बाबा खुद अपने ही सौ के बराबर हैं. आपलोग अपना फायदा छोड़ देशहित के लिए सोचें! यही तो सबसे बड़ी कामना है! सरकारी खर्च भी कैसे कम हो यह भी तो सोचना है! चन्दन राय जी के लिए गरीबी हटाओ विभाग कैसा रहेगा? २८ रुपये वाले …….!

    कुमार गौरव  के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय सिंह साहब जी आपने बिलकुक सही कहा, चन्दन जी के लिए गरीबी हटाओ विभाग ही ठीक रहेगा. और जब आनंद प्रवीन जी नेता प्रतिपक्ष हैं तो मैं भी वहीँ जाता हूँ, उप-नेता प्रतिपक्ष बन के. आखिर उन्हें भी तो वहां किसी सहयोगी की आवश्यकता होगी. http://kg70.jagranjunction.com

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    गौरव जी, सादर अभिवादन! यहाँ तो बिना मांगे मोती मिलने वाला है!…… आप सबके सहयोग और आगे का रचनात्मक कदम हमारे देश को जरूर बदल कर रख देगा! …..हौसला बनाये रखना है! ….आभार!

rekhafbd के द्वारा
April 21, 2012

आद्रेनीय जवाहर जी बहुत बढ़िया व्यंग ,सपनो के भारत पर

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    रेखा जी, नमस्कार और आभार!

ANAND PRAVIN के द्वारा
April 21, 2012

आदरणीय जवाहर सर, सादर प्रणाम क्या कहूँ…………….आपने तो पुरे लोकतांत्रिक सरकार को प्रदर्शित कर दिया ………………आज कल आपके स्वप्न में नित्य नए नए विचारों का जन्म हो रहा है………… कुछ मंत्रालय तो किन्तु समझ से परे हो रहे है…………पर बाकी जोरदार है……. साहित्य के लिए इतने मंत्रालय आपने दे दिए है की पूरा देश साहित्य में डूब जायेगा……… आपने सबों को मंत्रालय दे दिया किन्तु अपने लिए कोई मंत्रालय नहीं रखा …………….”ये ठीक बात नहीं है”………….कहीं आपका विचार सोनिया गांधी की तरह बनने का तो नहीं है…………अगर ऐसा हुआ तो मेरे ओर से खुली चुनौती………..और मैंने भी अपने लिए एक मंत्रालय रख रहा है………जो की केबिनेट मंत्री के ही बराबर है…………और वो है “नेता विपक्ष”………….यदि आपकी सरकार कोई गलत कार्य करेगी तो सोच लीजिएगा मैं संसद भवन में सबकी बकिया उधेर दूंगा…………..आखिर “लोकपाल” में मेरा भी तो स्थान होगा………..जोरदार

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आनंद जी, नमस्कार! आप तो ‘नेता विपक्ष’ के लिए ही ठीक हैं! आखिर सरकार पर नियंत्रण करनेवाला भी तो चाहिए न! मंत्रियों के विभाग अभी जो दिए गए हैं, उनपर कुछ दिन उनके कार्य की समीक्षा की जायेगी, फिर परिवर्तन या नए विभाग का स्रीजन जो आम जनता के हित में हो, करना ही है! यह तो बानगी भर है. आप जैसे नेता विपक्ष जो सरकार को हमेशा सही राह दिखाए, बहुत ही जरूरी है आभार और धन्यवाद!

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 22, 2012

    विपक्ष का नेता कैसा हो .. आनंद प्रवीन जैसा हो …जय हो :) मुबारक है भाई काम पर लग जाईये … कोई विक्रम डाकू (चम्बल से ) भी मंत्रालय में है पता कीजिये.. क्या करना है बताये ..

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    April 22, 2012

    धन्यवाद महिमा जी………आप और गौरव जी जैसे सहयोगी रहेंगे तो निश्चय ही एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका हम दे सकेंगे………..फिर उनकी सरकार तोड़ने के लिए भी कोशिश जारी है…………आप भी प्रयाश करती रहिये……….महिला शक्तियों को अपने दल में लाने की………

    ANAND PRAVIN के द्वारा
    April 22, 2012

    और एक बात चुकी हम एक योग्य शासन की बात हो रही है………..तो यहाँ विक्रम सिंग जी जैसे बाहुबलियों का कोई स्थान नहीं है……………हां सप्पर्क जरुर बनाय रखें ताकि अगले इलेक्सन में पार्टी फंड में कुछ दाना पानी आ सके…………

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 22, 2012

    आनंद जी . दाना पानी के लिए निश्चिंत रहिये मैंने अपना काम करना शुरू कर दिया है .. प्रदीप सर , अनिल जी , सरिता दी आदि से संपर्क में लग गयीं हूँ मैं … अनिल जी थोड़े कठिन है , संतोष जी से बच के रहना है , सरिता दी का पद थोडा कम खिलाने वाला है पर वंहा से भी से भी कुछ न कुछ निकलवा लुंगी .. विक्रम सिंह तो समझ लो पकड में आ गए , कुछ पेपर्स हाथ में आ गए है .. जब वो डाकू हुआ करते थे … बाकिओ के बारें में भी पता लगवा रही हूँ

    jlsingh के द्वारा
    April 23, 2012

    सीबीआई जांच से पता चला है की विक्रम भाई ने डाका डालना छोड़ दिया है उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हो गयी है और अब तो वे गायन की गंगा बहा रहे हैं पंचतन्त्र की कहानियां का नया विशेषांक निकलने वाला है! क्या विक्रम भाई ठीक है न??

akraktale के द्वारा
April 21, 2012

आदरणीय जवाहर जी भाई नमस्कार, इश्वर करे आपका सपना सच हो जाए.इसी बहाने हमको भी मंत्री पद का लाभ हो जाए, हो जाये हमारी भी इसी बहाने पांच रुपये में भरपेट नाश्ते कि इच्छा पूरी. लाल बत्ती कि गाडी में घुमने कि इच्छा भी न रहे अधूरी. मगर ये बताएं कि आपने अपना पर्यावरण मंत्रालय आदरणीय अश्विनी जी को क्यों दे डाला. वे वन में बाबाओं के साथ रम गए तो फिर पर्यावरण का कौन ध्यान रखेगा? और आपने ये भी स्पष्ट नहीं किया कि सरकार ने ये सारे कार्य संविधान के दायरे में ही किये हैं कि नहीं? क्योंकि जब शरद यादव जी और लालू जी केजरीवाल जी को कुछ भला बुरा कहेंगे तो उनको भी तो संसद में बुलवाना पडेगा. सुन्दर व्यंग. यदि आपने सपना सुबह सुबह देखा होगा तो अवश्य ही कुछ घटनाएं सत्य होंगी.और मै चाहता हूँ कि अब होनी भी चाहिए. बधाई.

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    परम आदरणीय अशोक भाई जी, नमस्कार! सपना देखना और सुन्दर सपना देखना, उसे पूरा करने के लिए जी जान से प्रयास करना यही तो प्रगतिशील मानव का कर्तव्य है. आप जैसे सुधीजन जहाँ साथ हैं तो संविधान के दायरे में ही काम होगा! और जब दो तिहाई बहुमत है तो संविधान में सोंशोधन तो किया ही जा सकता है न! रही बात संसद की अवमानना की – तो मेरा मत है कि वैसे लोगों को तो अब केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा बल्कि उठक बैठक करनी होगी ताकि पता चले!…… वैसे यह भी तो एक ब्यायाम हो जायेगा उनके लिए, जो उनके स्वास्थ्य को और सबल बनाएगा! ….यहाँ बाबा का राज होगा जहाँ दंड में भी भलाई छिपी होगी!

Jayprakash Mishra के द्वारा
April 21, 2012

अच्छा व्यंग्य है श्री मान्

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय जय प्रकाश जी, उत्साह वर्धन के लिए आपका आभार!

Santosh Kumar के द्वारा
April 21, 2012

आदरणीय सर ,.सादर प्रणाम शानदार स्वप्निल रचना के लिए हार्दिक बधाई ,.हास्य के साथ गंभीर मसलों को भी उठाती हुई ,.एक सुझाव है ,.मान्यवर जे एल सिंह के लिए कौन सा पद आरक्षित किया है ..शायद अन्नाजी के बगल में उप राष्ट्रपति का ..हा हा ..बहुत बधाई

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय संतोष जी, सादर अभिवादन! अभी मूरख मंच के सदस्यों के लिए भी जगह बनानी है आखिर उनका भी बहुत बड़ा योगदान है इस लम्बी लड़ाई को जीतने में! ….. आप तो अन्तर्यामी हैं प्रभु अभी बहुत सारे पद खाली हैं जो की मंत्री समूह के निर्णय से ही भरे जायेंगे. यहाँ, यानी २०१४ में पूरा लोकतंत्र होगा, जिसकी कल्पना हमारे आजादी के पहले के नेताओं ने की होगी. बाबा दूरदर्शी हैं देश हित में उचित निर्णय लेना सबकी जिम्मेवारी होगी! आभार!

yamunapathak के द्वारा
April 21, 2012

वाह!!!!!!!!! सर हाउसफुल का बोर्ड लगने वाला है.सच बहुत हास्य बिखेरा इस लेख ने .बहुत सारा धन्यवाद

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय यमुना जी, सादर अभिवादन! आपका उच्च शिक्षा वाला विभाग ठीक है न! अभी बहुत से विभाग बाकी हैं .. इतनी जल्दी हौसफुल नहीं होगा! हमारा भारत, अब बृहत् भारत होगा और दो तिहाई बहुमत के बाद तो….. . रचना आपको पसंद आयी, उसके लिए बहुत बहुत आभार!

CHANDAN के द्वारा
April 21, 2012

Singh sir, what a marvelous article you have written sir , it is par excellence of creativity & imagination , hat’s off to your writting skills

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    Chandan jee, thank you very much, but you have to suggest for more betterment!

MAHIMA SHREE के द्वारा
April 21, 2012

हाहाहा हा सर बहुत बढ़िया …सच कवी की कल्पना का छोर कोई पकड़ सकता .. और यहीभविष्य की कल्पना एक दिन साकार हो जाती है…..तो कोई आश्चर्य की बात नहीं ..मंत्रीमंडल तो बहुत खूब बनायीं आपने :) बाकी तो कृष्ण सर , विक्रम सर और अनिल जी से सहमत हूँ …….. बहुत बढ़िया आपको मेरा 5star जाता है ..बहुत आनंद आया और संतुष्टि हुई पढ़ कर काश एषा हो जाए …आमीन :) वन्दे मातरम …

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय महिमा जी, सादर अभिवादन! आप बहुत खुश दिख रही हैं पर अपने लिए कोई मंत्रालय नहीं मांग रही? आप अनिल जी के साथ है या आनंद जी का साथ चाहिए? क्योंकि मजबूत विपक्ष का होना भी बहुत जरूरी है, नहीं तो अंकुश कौन लगाएगा ….. ??? वन्दे मातरम! जय भारत!…

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय सर , आपकी आज्ञा शिरोधार्य ……….वैसे काम करने से ज्यादा टांग खीचने में जो आनंद है वो कही नहीं ……. और अगर दोस्तों की टांग खीचनी हो तो इससे बड़ा शुभ कार्य और कुछ हो ही नहीं सकता…. तो मैं तैयार हूँ .. :) :)

krishnashri के द्वारा
April 21, 2012

आदरणीय सिंह साहब , नमस्कार ,सुन्दर व्यंग रचना . सीधे साधे शब्दों में आपने गंभीर , विचारणीय सुझाव भी दिए हैं . आपका व्यंग गुदगुदाता भी है , हंसाता भी है , साथ ही साथ सोचने को मजबूर भी करता है . अच्छे लेख के लिए बधाई

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय महोदय, सादर अभिवादन! सपने हम देखते हैं, पूरा हो जाय तो क्या कहने!……प्रयास तो जारी रखनी है न! हम सबको सोचना होगा और सपने को साकार करने के लिए उचित कदम भी हम ही को उठाना होगा! परामर्श और आशीर्वाद देते रहें! आभार!

vikramjitsingh के द्वारा
April 21, 2012

जवाहर जी, सादर, मंत्रिमंडल बहुत शानदार बनाया है आपने, और प्रधानमन्त्री के निर्णय भी उचित हैं, इससे तो देश की नुहार ही बदल जाएगी….. आपके सुझाव अति उत्तम हैं, कहीं भी कोई कमी नहीं…… लेकिन क्या गारंटी है, कि सत्ता प्राप्ति के बाद, यही सब कुछ लागू होगा,….? दूध का जला छाछ को भी फूंक मार के पीता है….. वादों पर ऐतबार करना छोड़ दिया है, प्रभु, आम जनता ने………

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय विक्रमजीत सिंह जी, सादर अभिवादन! लोक लुभावने वादे कर के ही तो अभी तक की सरकारें सत्ता में आई हैं. हम सब तो परिवर्तन चाहते हैं न! ….. और …… वादों पर ऐतवार कभी न करना! वापस बुलाने की मांग भी तो करना! सुझाव उत्तम है, विचारणीय भी …… दूध-छाछ में अंतर करने वाले ‘ज्ञान’ को हमेशा खुला रखना है! फैसला आम जनता को ही करना है और वह फैसले ले रही है. जरूरत है ….. विकल्प की! बहुत बहुत धन्यवाद और आभार!

dineshaastik के द्वारा
April 21, 2012

आदरणीय जवाहर जी, बहुत ही सुन्दर व्यंगात्मक  कल्पना, विभागों का चयन  बहुत ही खूबसूरत, मुझे लगता है कि अबकी बार  जिसकी भी सरकार बने, पर मंत्रीमंडल  आपकी सलाह लेकर ही बनना चाहिये..हॉ…हॉ…हॉ…हॉ

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    दिनेश जी, सादर अभिवादन! लड़ाई जारी रहनी चाहिए, अगर हमें इस सपने को पूरा करना है! आपने मंत्रीमंडल और विभाग को पसंद किया इसके लिए आभार. वैसे मैंने लिखा है अच्छे और रचनात्मक सुझावों का हमेशा स्वागत होगा! हमें मंजिल पानी है! भारत को नया भारत, समृद्ध और विश्वगुरु भारत बनाना है! आभार!

    dineshaastik के द्वारा
    April 23, 2012

    हम  आपके साथ हैं।

April 21, 2012

सादर प्रणाम! उत्कृष्ट आलेख सर, सरल और सुब्दर शब्दों में एक ऐसा व्यंग्य जो बहुत कम ही लोग समझ पाएंगे आपकी इस रहस्य को…….बिल्कुल आपने आज़ादी के बाद की तस्वीर पेश की है. जब देशभक्ति के नाम पर बहुतों ने अपने स्वार्थ से वशीभूत होकर की कुर्सी ग्रहण की और साथ ही गाँधी को मजबूर किया गया देश के बटवारे के लिए और फिर वही लोग गाँधी को बदनाम भी किये. आने वाले खतरे से आपने सकारात्मक रूप से आगाह किया है……और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारी देशभक्ति और समाज सेवा की भावना कहीं, एक बार फिर स्वार्थ से वशीभूत तो नहीं ………..आपके इस आलेख के लिए दंडवत प्रणाम करना चाहूँगा…..! जो निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए है वो तो सराहनीय और पालनीय है……..हार्दिक आभार!

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 21, 2012

    सामजिक कुरीति निर्मूलन मंत्री जी बधाई आपको :)

    April 21, 2012

    “दिमाग ख़राब मत करिए आप. हम पहिले ही कह चुके है कि यहाँ हम मंत्री बनने नहीं आया हूँ बल्कि एक ऐसा इंसान जो जीवन पर्यन कुरीतियों से लड़ता रहे……..और जयादा दिमाग ख़राब करियेगा तो पता है न कि बाबा बहुत जगाता हैं…..हाँ…..हाँ…..हाँ… ” श्री श्री १७१४ स्वामी अन्जनानंद जी महाराज, a symbol of Ravan that is committed to destroy whole bad customs of society.

    April 21, 2012

    मेरे कहने का मतलब पदों के बर्वारे से नहीं था मोहतरमा……जो व्यवस्था में बदलाव के लिए अंत के गद्यों में दिखाया गया है. उसकी बात कर रहा हूँ. आप की परेशानी समझ सकता हूँ. आप बाबा को मुबारक बाद देकर और फिर इनका ध्यान भंग करके कुर्सी हथियाना चाहती हैं…..वैसे यह स्वामी जी एक कदम आगे चलते है. कुर्सी पर हम बैठेंगे ही नहीं, देखता हूँ आप कैसे कुर्सी छिनती हैं……हाँ….हाँ…..हाँ. बुरा नहीं मानियेगा….अभी अप्रैल चल रहा है. वैसे तो मैं लोगो के साथ पुरे साल मजाक किया करता था, पर वो तो बीते जमाए की बात हैं. अब तो मैं खुद मजाक बनकर रह गया हूँ. कभी खुद पर हँसता हूँ और कभी खुद पर रोता हूँ…..बस एक मकसद के लिए जीना चाहता हूँ. नहीं तो जीने की आशा जाती रही…..मैं वह व्यक्ति हूँ जिससे उसकी जिंदगी (अनजानी) रूठी हुई है फिर भी वह मंजिल ( सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक अभियान) की तलाश में सफ़र में हैं….. माफ़ करियेगा…..मैं भी आप ही लोगो की तरह एक आदमी ही हूँ…….जो हसना चाहता है और रोना चाहता है

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 22, 2012

    ऐसा है अनिल जी की ज्यादा भाषण बाजी नहीं चलेगा …हम विपक्ष को मजबूत करने आ गए है…तो ज्यादा बक बक नहीं करने का काम करने का क्या समझे …और हाँ अनजानी जी से अब शादी कर लो अच्छे धंधे पे लग गए हो……कमाओ खाओ और हमे भी खिलाओ ..और संतोष जी से ये बात नहीं शेयर करने का क्या…. और दिमाग ठंडा रखने का :) :)

    Santosh Kumar के द्वारा
    April 22, 2012

    सबके त्याग और तपस्या को देखते हुए अपने पद का ग्रहण करने से पहले त्याग करने की घोषणा करता हूँ ,…लिखना शुरू करने से पहले ही जानता था की हमारे आदरणीय कभी न कभी लालच जरूर देंगे अतः उसका मानसिक विसर्जन करके ही कलम उठाई ,..हमेशा बीच में ही खड़ा मिलूंगा ,..एक आम आवाज बनकर .. आप सब विद्वान् जन अपनी कुर्सी पर मस्ती और समर्पण से काम करो ,…जिस दिन कोई भी आम आदमी को भूला उसे इस कलम की तलवार का सामना करना ही पड़ेगा ,.चाहे वो कोई भी हो !.. महिमा बहन आपकी अनिल भाई से की गयी मांग का मैं पुरजोर समर्थन करता हूँ ,.वन्देमातरम !

    Santosh Kumar के द्वारा
    April 22, 2012

    वैसे मुझे नहीं lagta की ye dakuon ka गैंग २०१४ तक चलेगा ,..इनको पहले ही निपटाना होगा

    jlsingh के द्वारा
    April 23, 2012

    अरे.. रे! संतोष भाई, आप नाराज मत होइए … मूरख मंच के सभी सदस्य और उनके अधिनायक तो स्वतंत्रता सेनानी हैं और आप तो बापू ( राष्ट्रपिता नहीं कह रहा हूँ….) आप का ही आन्दोलन तो यह रंग लाया है …… और आप इस तरह से ……. आपके लिए भरपूर चारा पानी ……. आप चाहते हैं ये डकैत जल्दी रास्ता नापें तो उम्मीद कुछ कुछ लगने लगा है…. राजमाता और युवराज बहुत शोकाकुल नजर आ रहे हैं!.. क्या ख्याल है आपका!!! कोई भी समस्या का निदान मिल बैठकर विचार कर ही निकलना उचित है. लोकतंत्र का यही तो तकाजा है. लोकतंत्र में आवाज बुलंद होना बहुत जरूरी है और हमारे सभी पात्र अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं! बहुत बहुत आभार !

vishleshak के द्वारा
April 21, 2012

आदरणीय सिंह साहब,बहुत बहुत साधुवाद ।आपकी सकारात्मक सोच और कल्पनाशीलता की दाद देता हूॅ ।अच्छा होता,यदि वर्तमान सरकार और राज्यों की सरकारें भी २०१४की प्रतीक्षा किए बिना ,आपकी कुछ नीतियों और कार्ययाेजनाओ को स्वीकार कर लेतें क्योंकि अच्छी बातों को स्वीकारने के लिए रामदेव को प्रधानमन्त्री और अन्नाजी को राष्ट्रपति बनाने की क्या आवश्यकता है?विश्लेषक&याहू .इन ।

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    April 21, 2012

    माननीय विश्लेषक जी अगर वर्तमान सरकार इतना अच्छा आज्ञाकारी बालक होता तो इतनी मारामारी ही क्यूँ होती जनाब …ये रात दिन अन्ना जी और रामदेव जी का चरित्र हनन करने पे लगे हुए है तब भी आप ऐसा सोच रहे है की ये उनकी नीतिओ को स्वीकार करें ..दिवास्वपन मत देखिये जनाब .. ६७ सालो से इसी दिवास्वपन में बीत गए …..

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    असली लोकतंत्र दिखने लगा है, यहाँ तो अब जनता की सरकार है, जनता ही मालिक है ! मालिक ने सेवक चुनकर भेजा है…… सेवा करने के लिए! बाबा रामदेव और अन्ना जी जनता के प्रतिनिधि हैं और वे ही अपना दायित्व का निर्वाह भली भांति करेंगे! विश्लेषक महोदय का आभार अपना विचार प्रकट करने के लिए! आप भी आइये और स्वेक्षा से अपनी जिम्मेदारी निभाइए!

RAJEEV KUMAR JHA के द्वारा
April 21, 2012

बहुत सुन्दर व्यंग्यात्मक आलेख,आदरणीय जवाहर जी.शुक्र है मंत्रिमंडल के विस्तार में मुझे बख्श दिया.लेकिन आप सिर्फ प्रधान मंत्री के सलाहकार की भूमिका में रहेंगे या कोई और दायित्व संभालेंगे.आदरणीय भ्रमर जी का भी Anti Piracy विभाग में दावा बनता है.

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    आदरणीय झा जी, सादर अभिवादन! झा जी, मैंने लिखा है अभी बहुत से सम्भावित मंत्रियों की लिष्ट प्रतीक्षा सूची में है. बहुत सारे विभाग अभी बाकी है! जरूरत पडी तो नए विभाग सृजित भी किये जा सकते हैं! सुझाव और परामर्श की हमेशा गुंजायश है. फिर हर साल उनका मूल्यांकन भी तो होना है! आपका बहुत बहुत धन्यवाद!

कुमार गौरव के द्वारा
April 21, 2012

आदरणीय सिंह साहब सादर प्रणाम अपने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के रूप में अन्ना हजारे जी-रामदेव बाबा जी की जो परिकल्पना की है, हास्य से परे बहुत सही और सटीक की है. अगर ये जोड़ी वास्तविकता में इस पद पर हो तो भारत के इतिहास में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री की ये सर्वश्रेष्ठ जोड़ी होगी.

    jlsingh के द्वारा
    April 22, 2012

    कुमार गौरव जी, सादर अभिवादन! आपका बहुत बहुत आभार प्रथम पर्तिक्रिया हेतु! हम सब तो यही चाहते है, की काश ऐसा हो पाता! और सपने तो वही आते हैं न जो हम चाहते हैं!


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