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मेरे सपनो का भारत!

tiranga

१५ अगस्त स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पेश है ‘मेरे सपनों का भारत’!
*******
मेरे सपनों के भारत में, कोई न भूखा नंगा होगा.
हर लड़का लडकी के हाथ में, ऊंचा सदा तिरंगा होगा!
कोई न होगा गोरा काला, कोई न नाटा ठिंगना होगा
फूलों की खुशबू से सुरभित, अपना प्यारा अंगना होगा!
न कोई नेता न कोई क्रेता, मिलजुल कर सब काम करें
मिलकर रोटी दूध मलाई, भोजन शुबहो शाम करें.
मंदिर जाय मुस्लिम मुल्ला, राम नाम का पाठ करे
मस्जिद जाकर हिन्दू पंडित, अल्ला का भी जाप करे!
गिरिजाघर, गुरुद्वारा शोभे, एक दूसरे के सम्मुख.
मालिक सबका एक ‘वही’ है, समझें हर कोई का दुःख
दीवाली में दिए जलाएं, ईद में सब जन मिले गले.
क्रिसमस में गिरिजाघर जाकर, भूले शिकवे और गिले!
राष्ट्र की भाषा एक हो अपनी, सीखें अन्य कोई भाषा
सीमा में ना बंधे कोई भी, बोले पंजाबी बंग भाषा
आम आदमी बनकर देखे, उच्च सिंहासन का सपना
ऊंचे पद का मालिक समझे, हर कोई को ही अपना.
ऐसा भारत स्वर्ग बनेगा, नहीं चाहिए अब जन्नत.
मालिक सबका एक तुम्ही हो, पूरी कर दो यह मन्नत!
मेरे मौला राम तुम्ही हो, गुर नानक साईं बाबा.
जन्नत धरती स्वर्ग यही सब, क्या करना जाकर काबा!
धान, ज्वार, गेहूं की फसलें, देख जिया सबका हरसे
गैया, भैंसी, भेड़, बकरियां, चीता और हिरण हरसे
बादल देख मोर नाचते, पपीहा पिया पुकारे क्यों?
साजन संग मिले सजनी, फिर गीत विरह के गाये क्यों!
चोरी कोई नहीं करेगा, पुलिस थाने का न कोई काम,
दिन में मिहनत सभी करेंगे, रात करेंगे पूर्ण आराम!
दिव्य रोशनी पुलकित यामिनी, चंदा मामा देखेंगे
सूरज की किरणों से रोशन, नया सवेरा देखेंगे!
नहीं चाहिए मनमोहन, न मोदी का सुन्दर सपना!
ब्लोग्गर कवि सब मुदित मनोहर, सोहेगा अपना अंगना!
भारत माता ग्राम वासिनी, गाँव में खग कूजेंगे
वृद्धों को उनके कुटुंब जन, देवों के संग पूजेंगे!
मेरे जैसे सपने देखें, मेरे सब संगी साथी.
बुरे वक्त में साथ निभाए, न होगा कोई घाती!
ऐसा मैंने सपना देखा, मित्र मेरे सब आन मिले
हर्ष के आंसू निकले दृग से, जब हम सब आ मिले गले!…

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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

nishamittal के द्वारा
August 19, 2013

आपके स्वप्न साकार हों देश का भावी स्वरूप यही हो

    jlsingh के द्वारा
    August 19, 2013

    सादर आभार महोदया!

s.p.singh के द्वारा
August 17, 2013

प्रियवर आपकी हमारी कल्पना एक दिन जरूर साकार होगी.

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    इसी आशा में हम सब है सिंह साहब!

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
August 16, 2013

ब्लोग्गर कवि सब मुदित मनोहर, सोहेगा अपना अंगना! भारत माता ग्राम वासिनी, गाँव में खग कूजेंगे वृद्धों को उनके कुटुंब जन, देवों के संग पूजेंगे! मेरे जैसे सपने देखें, मेरे सब संगी साथी. बुरे वक्त में साथ निभाए, न होगा कोई घाती! बहुत सुन्दर ..आप के सारे मनोहर प्यारे प्यारे सपने साकार हों मूर्त रूप लें और हम लोग इन सपनों में खोये रचते रहें बस भ्रमर ५

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    आदरणीय भ्रमर जी, सादर अभिवादन! आपका हार्दिक आभार!

yogi sarswat के द्वारा
August 16, 2013

धान, ज्वार, गेहूं की फसलें, देख जिया सबका हरसे गैया, भैंसी, भेड़, बकरियां, चीता और हिरण हरसे बादल देख मोर नाचते, पपीहा पिया पुकारे क्यों? साजन संग मिले सजनी, फिर गीत विरह के गाये क्यों! चोरी कोई नहीं करेगा, पुलिस थाने का न कोई काम, दिन में मिहनत सभी करेंगे, रात करेंगे पूर्ण आराम! दिव्य रोशनी पुलकित यामिनी, चंदा मामा देखेंगे सूरज की किरणों से रोशन, नया सवेरा देखेंगे! नहीं चाहिए मनमोहन, न मोदी का सुन्दर सपना! ब्लोग्गर कवि सब मुदित मनोहर, सोहेगा अपना अंगना! सुन्दर सपना देख रहे हैं आदरणीय श्री जवाहर सिंह जी , लेकिन हकीकत के धरातल पर कुछ अलग ही द्रश्य नज़र आता है

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    आदरणीय योगी जी, सादर अभिवादन! हकीकत से हम सभी वाकिफ है, कम से कम सपने तो सुन्दर सुहावन हो! आपकी मूल्यवान प्रतिक्रिया के लिए आभार!

manoranjanthakur के द्वारा
August 16, 2013

देश को नमन …अतिसुंदर देशभक्ति से सराबोर …बधाई

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    हार्दिक आभार, ठाकुर साहब!

harirawat के द्वारा
August 15, 2013

जवाहर लाल जी बहुत सुन्दर रचना के लिए और साथ ही स्वतंत्रता दिवस की बहुत सारी बधाई ! आपकी कविता ने हर धर्म जाति, ऊपर नीचे, अमीर गरीब, काले गोरे का भेद मिटा कर नेताओं का वोट बैंक उजाड़ दिया ! वोट नहीं तो नेता नहीं, फिर होगा जन्ता का असली राज जिसे कहेंगे हम डेमोक्रेसी ! बहुत सुन्दर शिक्षा प्रद कविता !

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    श्रद्धेय रावत साहब, सादर अभिवादन! आपका आशीर्वाद मिलता रहे …हमलोग अगर आपस में भेद भुला दें, तो यह धरती स्वर्ग हो जायेगी! यही हमरी आपकी सबकी कामना है! सादर

Rajesh Dubey के द्वारा
August 13, 2013

सुन्दर भारत की कल्पना साकार हो. जन-जन का कल्याण हो. नया सवेरा, नयी अभिलाषा, की देश हित में कामना सफल हो.

    jlsingh के द्वारा
    August 15, 2013

    धन्यवाद, राजेश जी! वन्दे मातरम! जय हिन्द! जय जवान जय किसान!




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