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जश्ने आजादी!

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१५ अगस्त
स्वतंत्र भारत
आभा में रत
यही है हमारा भारत!
मिली है, बोलने की आजादी
नेताओं को
मिली है, कुछ भी करने की आजादी
नेताओं को
मिली है,
गरीबी को परिभाषित करने की आजादी
नेताओं को!
“भारत आगे बढ़ रहा है
गरीब भी अब खा रहे हैं
ज्यादा खा रहे हैं
अच्छा खा रहे हैं
मिलता है, ५ रुपये में खाना
१२ रूपये की थाली
दे ताली!
अरे महापूतों,
न कर सकते कुछ अगर
तो चिढाओ तो मत
यही रहा अगर तुम्हारा मत
तो हम दे देंगे
अपना मत
फिर कहना मत
क्योंकि भारत अभी जिन्दा है
गाँव में, गरीबों में
जिसकी तरफ
तुम्हारा रुख होता है
पांच साल में एक बार
और वो समय
आनेवाला है
अभी अभी
बताएगी तुम्हारी औकात
ये जमीं भारत भूमि!
क्योंकि हमने भी पाई है आजादी
अपने मत को इस्तेमाल करने की
आज मैं भी मना रहा हूँ
जश्ने आजादी!

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21 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Rajesh Kumar Srivastav के द्वारा
August 20, 2013

चुनाव जितने के बाद नेताजी – साढ़े चार साल लतिआते है/ दो माह गरियाते है / एक माह सहलाते है / फिर दो मास खिलाते है/ अंतिम माह में – सहलाते है, खिलाते है, पिलाते है / आश्वासनों का पिटारा खोल कर- दिखाते है / रोते है, गिडगिडाते है – अबकी कोई गलती नहीं करने की कसम खाते है / फिर हम उनके बहकावे में आ जाते है / फिर से उनको ही अपना नेता बनाते है / तो बताइये ना कैसे चलेगा अपना लोकतंत्र/ कैसे बनेगा अपना भारत महान/ सिंह जी केवल नेताओं पर गलती थोप देना बेमानी होगी / आपकी रचना पसंद आई /

omdikshit के द्वारा
August 19, 2013

आदरणीय जवाहर जी, बधाई स्वतंत्रता दिवस की.बधाई स्वतंत्र एवं जोशीले अभिव्यक्ति की.बधाई मत का मूल्य बताने और जनता को जागृत करने के लिए.

    jlsingh के द्वारा
    August 20, 2013

    आदरनीय ॐ दीक्षित जी, हार्दिक आभार!

alkargupta1 के द्वारा
August 19, 2013

मिलता है, ५ रुपये में खाना १२ रूपये की थाली दे ताली! अरे महापूतों, न कर सकते कुछ अगर तो चिढाओ तो मत बहुत ही बढ़िया वर्तमान के सत्य को उजागर करती अर्थपूर्ण रचना सिंह साहब

    jlsingh के द्वारा
    August 20, 2013

    हार्दिक आभार, आदरणीया अलका जी!

yogi sarswat के द्वारा
August 19, 2013

भारत आगे बढ़ रहा है गरीब भी अब खा रहे हैं ज्यादा खा रहे हैं अच्छा खा रहे हैं मिलता है, ५ रुपये में खाना १२ रूपये की थाली दे ताली! अरे महापूतों, न कर सकते कुछ अगर तो चिढाओ तो मत यही रहा अगर तुम्हारा मत तो हम दे देंगे अपना मत फिर कहना मत क्योंकि भारत अभी जिन्दा है बहुत सशक्त रचना श्री जवाहर सिंह जी !

    jlsingh के द्वारा
    August 20, 2013

    आदरणीय योगेन्द्र जी, सादर अभिवादन! उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार!

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    सादर आभार श्री भानुप्रकाश जी!

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
August 16, 2013

गाँव में, गरीबों में जिसकी तरफ तुम्हारा रुख होता है पांच साल में एक बार और वो समय आनेवाला है अभी अभी बताएगी तुम्हारी औकात काश ये समय कभी सच मच इन्हें बता देता भगा देता हटा देता तो आनंद और आता …आइये उम्मीदें रखें .. भ्रमर ५

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    आदरणीय भ्रमर जी, सादर अभिवादन! समय तो आन पहुंचा है परिवर्तन अवश्यम्भावी है पर कितना सार्थक होगा यह तो समय ही बतलायेगा ..पर विकल्प भी तो नहीं है!

vaidya surenderpal के द्वारा
August 16, 2013

वर्तमान राजनीतिज्ञों का सही चित्रण किया है आपने कविता मेँ जवाहर जी। हार्दिक शुभकामनाएं।

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    हार्दिक आभार श्री सुरेन्द्रपाल साहब!

आर.एन. शाही के द्वारा
August 16, 2013

जश्ने आज़ादी मनाने से हमें कोई नहीं रोक सकता । वह रोज़ है, हर पल है । हमने अपनी मेहनत से हासिल की है, शहीदों के बलिदान से हासिल की है । इन्होंने तो पावर ट्रांसफ़र के नाम पर अपने ही देशवासियों का क़त्ले आम करवाकर देश के टुकड़े करने का काम किया है ।

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    श्रद्धेय शाही साहब, सादर अभिवादन! और ह्रदय से आभार ..आपकी बहुमूल्य प्रतिक्रिया के लिए!

Jaishree Verma के द्वारा
August 16, 2013

चुटीला व्यंग्य नेता और राजनीति पर jlsing जी ! स्वतंत्रता दिवस पर बधाई !

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    आपको भी बधाई जयश्री जी. हमलोग इतना तो कर ही सकते हैं और अपना मत का सही इस्तमाल!

harirawat के द्वारा
August 16, 2013

२०१४ का चुनाव आ रहा है, नेताओं का मुखड़ा सूखता जा रहा है ! जनता के हाथ में ताकत है गिरा दे तमाम भारी भरकम पेट वाले भ्रष्ट, क्रिमिनल, हत्यारे, चोर लुटेरों को, आने दो सच्चे देश प्रेमी अन्ना हजारे जैसे लोगों को ! ये जो बैठे है सरकार की कुर्सियों में सफ़ेद पोस काले दिल के लोग रिश्वतखोर, जमाखोर बैठा दो इन्हें अंगारों में जेल की काली कोठियों में ! सुन्दर रचना !

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    श्रद्धेय रावत साहब, सादर अभिवादन! समय नजदीक आ रहा है …हम सबके लिए!

Abdul Rashid के द्वारा
August 16, 2013

नमस्कार जवाहर जी आजादी का जश्न में आजादी ढूंढने की कोशिश जारी है………..न जाने कहाँ …………

    jlsingh के द्वारा
    August 18, 2013

    हार्दिक आभार रशीद भाई! कोशिश करते रहना हर इन्सान का धर्म है !


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