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हिंदी ब्लॉगिंग हिंदी को मान दिलाने में सार्थक हो सकती है! (Contest)

Posted On: 8 Sep, 2013 Contest में

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हिंदी में ब्लोगिंग वास्तव में एक क्रांतिकारी कदम है, जिसके माध्यम से अनेक रचनाकार, हिंदी प्रेमी, हिंदी भाषी, और आम आदमी अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में सक्षम हुआ है. इसमें कोई दो राय नहीं कि कोई भी भाषा दो व्यक्तियों, समुदायों के बीच संवाद का प्रमुख माध्यम है. आज हिंदी ब्लोगिंग के बहुत सारे साइट्स उपलब्ध हैं, जहाँ हम अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं. आज से दसेक साल पहले यह सुविधा उतनी लोकप्रिय नहीं थी. पर आज अनेक हिंदी के अखबार, टी वी चैनेल कम्प्यूटर और अंतरजाल के माध्यम से सुलभ हो गए हैं. आप अपने विचार तुरंत वांछित व्यक्ति तक पहुंचा सकते हैं, यहाँ भाषा दीवार नहीं बनती … आप हिंदी, अंग्रेजी या अन्य किसी भी भाषा में अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं.
हमारे भारतीय लोग जब किसी कार्यवश विदेश जाते हैं, तो वहां उन्हें अपनी मातृभूमि और मातृभाषा की खूब याद आती है, और तब वे इसी हिंदी ब्लॉग्गिंग के माध्यम से अपने आपको भारत से जोड़े रखना चाहते हैं. इसी जागरण मंच पर अनेक भारतीय, अप्रवासी भारतीय भी इसी ब्लॉग्गिंग के माध्यम से अपनी मातृभाषा हिंदी को गले लगाये रखते हैं.
ब्लॉग्गिंग की दुनिया ऐसी है, जहाँ संपादकों, समाचार मालिकों की कैची नहीं चलती, आप जो भी कहना चाहते है, जैसे भी कहना चाहते हैं, गद्य के माध्यम से, पद्य के माध्यम से, मुक्त छंद के माध्यम अपने विचार रख सकते हैं. ब्लॉग पर अन्य पाठक या लेखक की प्रतिक्रिया यह बतलाती है कि आपके लेखन से पाठक किस प्रकार प्रभावित हैं. आपके विचार से सहमत हैं अथवा असहमत, साथ ही आपको अपनी लेखन शैली में, या विचार में सुधार का भी अवसर प्रदान करती है. हजारों किलोमीटर दूर बैठा हुआ आदमी अचानक आपका प्रिय बन जाता है, आप उसके सुख दुःख के साझीदार भी बन जाते हैं.
हिंदी ब्लोगिंग इसलिए कि अभी तक हिंदी उपेक्षित थी और हिंदी में लिखने, बोलने वालों को लोग पिछड़ा मानते थे. पिछड़ा न कहलायें इस लिहाज से भी बहुत लोग हिंदी लिखने में रूचि नही रखते थे, पर हिंदी ब्लोगिंग की सुविधा से अधिकांश पढ़े लिखे लोग, कार्यरत या सेवामुक्त, कामकाजी महिलाएं या गृहणियां इस में रुचि ले रही हैं, और अपने खाली समय का सदुपयोग भी कर रही हैं.
आज विश्व में रोज नए नए परिवर्तन हो रहे हैं. परिवर्तन का असर हमारे देश और समाज पर अनिवार्य रूप से हो रहा है, ऐसे में हम अगर अपने आपको एक छोटी सी दुनिया में सीमित कर लेंगे तो हमारा विकास वहीं रुक जाएगा. इसलिए आज जरूरत है एक व्यापक सोच की, खुले मस्तिष्क की और ग्राह्यता की. बड़े बड़े राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन विभिन्न प्रकार के विचारों, आलेखों और उनके प्रचार के जरिये ही संभव हो सका है. इसमें कोई दो राय नहीं कि इन सबमे मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान/सहभागिता रही है. मीडिया हर व्यक्ति तक नहीं पहुँच सकता, पर आप इस ब्लॉग्गिंग के माध्यम से मीडिया तक पहुँच सकते हैं. आज प्रमुख ब्लॉग को हर समाचार पत्र या इलेक्ट्रोनिक मीडिया भी महत्व देने लगा है, जिसका व्यापक प्रचार प्रसार भी हो रहा है.
हिंदी ब्लोगिंग इसलिए कि यह आम भारतीय नागरिक की भाषा है. हिंदी हमारी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा और जन भाषा है. आइये इसे और भी समृद्ध बनाये. समृद्धता और सर्वग्राहकता के लिए यह आवश्यक है कि हिंदी में क्लिष्ट तत्सम संस्कृत शब्दों के साथ साथ अन्य भारतीय भाषाओ के शब्दों, अंग्रेजी के शब्दों को भी इनमे समाहित करें. अग्रेंजी में विश्व की अनेक भाषाओँ का समायोजन है, तभी यह व्यापक रूप लेने में सक्षम हो सकी है. इसीलिये हिंदी की उपयोगिता बढ़ाने के लिए हम सबको वैसे ही प्रयास करने होंगे.
जय हिंदी, जय भारत!

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32 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
September 17, 2013

seemakanwal के द्वारा September 14, 2013 हमारे भारतीय लोग जब किसी कार्यवश विदेश जाते हैं, तो वहां उन्हें अपनी मातृभूमि और मातृभाषा की खूब याद आती है, और तब वे इसी हिंदी ब्लॉग्गिंग के माध्यम से अपने आपको भारत से जोड़े रखना चाहते हैं. इसी जागरण मंच पर अनेक भारतीय, अप्रवासी भारतीय भी इसी ब्लॉग्गिंग के माध्यम से अपनी मातृभाषा हिंदी को गले लगाये रखते हैं. बहुत सुन्दर लिखा .सादर आभार .

    jlsingh के द्वारा
    September 17, 2013

    आदरणीय सीमा जी का हार्दिक आभार!

bdsingh के द्वारा
September 17, 2013

ब्लागिंग की उपयोगिता एव लाभ को बहुत अच्छे ढंग से अभिव्यक्त किया है आपने।

    jlsingh के द्वारा
    September 17, 2013

    आदरणीय बी डी सिंह जी, सादर अभिवादन! और उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार!

yamunapathak के द्वारा
September 17, 2013

जवाहर जी सहमत हूँ,वैचारिक जगत के कई अनजान चेहरों से परिचित होने में हिन्दी ब्लॉग्गिंग ने अहम् भूमिका निभाई है. साभार

    jlsingh के द्वारा
    September 17, 2013

    आदरणीय यमुना जी, सादर अभिवादन! और हार्दिक आभार!

Jaishree Verma के द्वारा
September 12, 2013

हिंदी को सतत स्वच्छंद प्रवाहित रखने के लिए ब्लोगिंग एक अच्छा तथा सार्थक मंच है , अच्छा लेख jlsingh जी !

    jlsingh के द्वारा
    September 13, 2013

    आदरणीया जयश्री जी, सादर अभिवादन! बिलकुल सही कहा आपने! सकारात्मक प्रतिक्रिया और प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

amarsin के द्वारा
September 11, 2013

प्रिय मित्र, बहुत सुन्दर लिखा, बधाई…

    jlsingh के द्वारा
    September 13, 2013

    आदरणीय अमर सिं जी, सादर अभिवादन! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

ushataneja के द्वारा
September 11, 2013

आदरणीय jlsingh जी, बिलकुल सही उदाहरणों से सुसज्जित लेख!

    jlsingh के द्वारा
    September 13, 2013

    आदरणीया उषा जी, सादर अभिवादन! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

yogi sarswat के द्वारा
September 11, 2013

निश्चित रूप से हिंदी ब्लोगिंग हिंदी के पढने वालों और लिखने वालों के लिए एक शुभ सूचक है ! बेहतरीन लेख श्री सिंह साब !

    jlsingh के द्वारा
    September 13, 2013

    आदरणीय जोगी जी, सादर अभिवादन! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
September 10, 2013

पर हिंदी ब्लोगिंग की सुविधा से अधिकांश पढ़े लिखे लोग, कार्यरत या सेवामुक्त, कामकाजी महिलाएं या गृहणियां इस में रुचि ले रही हैं, और अपने खाली समय का सदुपयोग भी कर रही हैं. जी जवाहर भाई कदम बढ़ चले हैं …कदम से कदम सब मिल बढ़ाये जाएँ तो निश्चित ही परचम लहराए ब्लॉगर संस्थापक भी अब समझ रहे हैं पर अभी बहुत कुछ होना बाकी है ..सुन्दर उदगार ..सार्थक लेख .. निज भाषा उन्नत अहै सब उन्नति को मूल भ्रमर ५

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    आदरणीय भ्रमर जी, सादर अभिवादन! ब्लॉगर संस्थापक भी अब समझ रहे हैं पर अभी बहुत कुछ होना बाकी है … हमारे नीति नियंता को भी समझ में आना चाहिए जागरूकता बढ़ रही है …..प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

seemakanwal के द्वारा
September 10, 2013

आप के विचार बहुत सटीक है ,आभार

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    आदरणीया सीमा जी, सादर अभिवादन! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

Bhagwan Babu के द्वारा
September 10, 2013

बिल्कुल सही कहा आपने…. सुन्दर लेख… बधाई…

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    आदरणीय भगवन बाबु, सादर अभिवादन! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

nishamittal के द्वारा
September 10, 2013

ब्लोगिंग हिंदी का महत्व बढाने में सहायक है सहमती सिंह साहब

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    आदरणीया निशा महोदया, सादर अभिवादन! समर्थन और प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

Santlal Karun के द्वारा
September 8, 2013

आदरणीय जे.एल. सिंह जी, आप ने हिंदी ब्लॉगिंग से हिंदी के मान पर पारिस्थितिक दृष्टिकोण के साथ अत्यंत विचारणीय आलेख दिया है; हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    आदरणीय संत लाल जी, सादर अभिवादन! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
September 8, 2013

सार्थक आलेख .बधाई

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    आदरणीया शिखा जी, सादर अभिवादन! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

bhanuprakashsharma के द्वारा
September 8, 2013

हिंदी का महत्व पहले भी था और आगे भी रहेगा। सिर्फ अच्छा लेखन होना चाहिए। 

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    आदरणीय भानु प्रकाश जी, सादर अभिवादन! बिलकुल सही कहा आपने! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
September 8, 2013

अत्युत्तम व अत्यावश्यक इस आलेख के लिए आप को साधुवाद साथ ही शुभ संध्या भी ! पुनश्च !

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    आदरणीय आचार्य जी, सादर अभिवादन! प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार!

IndianTopBlogs के द्वारा
September 8, 2013

ब्लॉगिंग सच में हिंदी को उस तरह से आगे ले जा रही है जिस तरह बॉलीवुड.

    jlsingh के द्वारा
    September 10, 2013

    बिलकुल सही कहा आपने!


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