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स्नेह सूत्र (रक्षा बंधन)

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raksha bandhan

यह स्नेह सूत्र ज्यों है पवित्र
इज्जत रखना सब इष्ट मित्र
बहना सबकी ही प्यारी है,
वह मेरी या कि तुम्हारी है
अनमोल सूत्र यह है जग मे
छोटे हैं इससे सब तगमे
बहना छोटी हो या हो बड़ी
अपने पैरों पर चाहे खड़ी
उपहार तो उनका बनता है!
ब्यवहार से यह जग चलता है
संकल्प यह मन में लें हम सब
कोई बहना पीड़ित हो जब
हम उसकी रक्षा कर पायें
बाधाओं से न घबड़ायें
प्यारा कितना यह त्यौहार
बढ़ते आपस में सदा प्यार
बहना जब पीड़ित होती है!
मानवता क्यों तब सोती है?
बस एक प्रण ही करना है
बहना को रक्षित करना है!
बहना को रक्षित करना है!
आप सभी को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
खासकर तब जब हमारी एक बहन हरियाणा की शेरनी साक्षी मलिक ने भारत के लिए पहला पदक(कांस्य) जीतकर पूरे देश का मान बढ़ाया है
साक्षी मलिक को ढेर सारी बधाइयाँ!
- जवाहर लाल सिंह, जमशेदपुर
१८.०८.२०१६(गुरुवार)

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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
August 22, 2016

आदरणीय सिंह साहब ! सादर अभिनन्दन ! बहुत सुन्दर और दिल को छूते भावों से परिपूर्ण कविता ! मंच पर उत्कृष्ट प्रस्तुति हेतु हार्दिक आभार !

    jlsingh के द्वारा
    August 26, 2016

    आदरणीय सद्गुरु जी महाराज, सादर हरिस्मरण! उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार!

Shobha के द्वारा
August 21, 2016

श्री जवाहर जी सुंदर भाव पूर्ण कविता ख़ास कर यह पंक्तिया कोई बहना पीड़ित हो जब हम उसकी रक्षा कर पायें बाधाओं से न घबड़ायें प्यारा कितना यह त्यौहार सभी बच्चियां सुरक्षित हो जायेंगी

    jlsingh के द्वारा
    August 26, 2016

    आदरणीय डॉ. शोभा जी, सादर अभिवादन! उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार!

Jitendra Mathur के द्वारा
August 21, 2016

अत्यंत सुंदर एवं भावपूर्ण कविता जवाहर जी । अभिनंदन ।

    jlsingh के द्वारा
    August 26, 2016

    उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार आदरणीय जितेंद्र माथुर साहब!

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
August 20, 2016

बहना जब पीड़ित होती है! मानवता क्यों तब सोती है? सम्वेदन हीन समाज को जाग्रत करती पंक्तियाँ ,रक्षा बंधन के पवित्र त्यौहार पर सामयिक सुंदर रचना ,आपके अंतर के भावुक कवि को सादर नमन आदरणीय जवाहर सिंह जी .

    jlsingh के द्वारा
    August 26, 2016

    आदरनीया निर्मल जी, सादर अभिवादन! कविता की मार्मिक पंक्तियों को चिह्नित करने और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार ! सादर!

rameshagarwal के द्वारा
August 19, 2016

जय श्री राम आदरणीय जवाहर लाल जी आज कल के सन्दर्भ में बहुत अच्छा सन्देश उन युवको के लिए कविता के माध्यम से दिया जिन्होंने ने देश की बहनों महिलाओ की जिन्दगी मुसीबत में कर दी है रक्षा बंधन में इससे से ज्यादा सार्थक सन्देश नहीं हो सकता रक्षाबंधन में हमरे देश्वशी यदि यही प्राण कर ले की वे देश की महिको की रक्षा जी जान से करेंगे और मूक दर्शक नहीं बने रहेगे तो इस पर्व का का महत्व बढ़ जाएगा.बहनों को भी भाइयो से अपराध से दूर रहने की सलाह देने चाइये.पीवी सिन्धु ने भी एक पदक की गारंटी देकर देशको रक्षा पर्व की शौगात दी.कविता के लिए साधुवाद.

    jlsingh के द्वारा
    August 26, 2016

    उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार आदरणीय अग्रवाल साहब!


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