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नोट बंदी की सफलता पर मोदी

Posted On 4 Dec, 2016 Junction Forum, न्यूज़ बर्थ में

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यूं तो नोटबंदी के बाद हर प्रकार की प्रतिक्रिया देखने को मिली है. कालेधन वाले और विपक्षी दल खासे परेशान नजर आ रहे हैं. जनता जो बैंक और एटीएम की लाइनों में लगी है, वह अभीतक नोटबंदी के समर्थन में खड़ी दीख रही है, हालाँकि कैश(नगदी) की कमी और अव्यवस्था के चलते लगभग सौ लोगों को अपनी जानें भी गंवानी पड़ी है. मीडिया ने अच्छी कवरेज दिखाई है. लोग परेशान हैं पर मोदी के फैसले के साथ हैं. इन सब गतिविधियों से प्रधान मंत्री श्री मोदी काफी उत्साहित हैं और उन्होंने मुरादाबाद की रैली तथा अन्य जगहों पर अपने विचार व्यक्त किये हैं. आइये डालते हैं उपर एक नजर.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन रैली को सम्बोधित करते हुए मुरादाबाद में शनिवार को विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने नोटबंदी के फैसले पर लोगों के समर्थन का दावा करते हुए आज सोशल मीडिया पर आए संदेश में एक भिखारी का जिक्र किया, जो भीख के पैसे डेबिट कार्ड से लेने को कहता है. मोदी ने कहा, ”व्हाटस ऐप पर किसी ने दिखाया कि कोई भिखारी कार में भिक्षा मांगने गया. कार में जो बैठे थे, उन्होंने कहा कि छुटटे पैसे नहीं है, हालांकि हम तेरी मदद तो करना चाहते हैं. इस पर भिखारी बोला कि चिन्ता मत करो. उसने स्वाइप मशीन निकाली और कहा डेबिट कार्ड दे दो, मैं ले लेता हूं.” (क्या सचमुच देश बदल रहा है? और इतना कि भिखारी के पास भी स्वाइप मशीन हो?)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शनिवार को कहा कि जनधन खाते में अमीर पैसा जमा कर रहे हैं. कोई अमीर कितना ही दबाव बनाए, जनधन खाते से पैसा मत निकालिए, क्योंकि ऐसा कोई रास्ता निकालूंगा कि वो पैसा गरीबों का हो जाए और जिसने जमा कराया, उसे जेल जाना पड़ेगा. पीएम ने कहा कि इस देश में 70 साल से चली आ रही भ्रष्टाचार की बीमारी को खत्म करने के लिए कैशलेस ट्रांजेक्शन को अपनाना होगा. पिछली सरकारों ने नोट छाप-छाप कर इस देश में भ्रष्टाचार को बढ़ाया है. अब ऐसा नहीं होगा. जैसे आप वाट्सएप से मैसेज भेजते हैं, वैसे ही आप ट्रांजेक्शन भी कर सकते हैं. (सचमुच आसान है, कैशलेस ट्रांजेक्शन?)
ज्ञात हो कि इसके पहले मोदी 14 नवंबर को गाजीपुर में, 20 नवंबर को आगरा और 27 नवंबर को कुशीनगर में परिवर्तन रैली की थी. कमोबेस हर रैली में उन्होंने नोटबंदी के समर्थन में ही अपने कदम को सराहा है. भारत को ‘बेईमानों’ से मुक्ति दिलाने का संकल्प दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम के आगे लंबी कतारें लगने पर आज कहा कि मिटटी का तेल और चीनी के लिए 70 साल से कतारें लगा रही जनता से वह आखिरी बार कतार लगवा रहे हैं. देश को नकद लेनदेन से मुक्ति दिलाने का आहवान करते हुए मोदी ने मोबाइल के जरिए खरीद फरोख्त करने का सुझाव दिया और नौजवानों से अपील की कि वे देशवासियों को मोबाइल के जरिए लेनदेन करना सिखायें.
उन्होंने ने कहा- “कानून का उपयोग करके बेईमान को ठीक करना होगा. भ्रष्टाचार को ठिकाने लगाना होगा.” उन्होंने पूछा, “अगर कोई ये काम करता है तो वह गुनाहगार है क्या? कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ लडता है तो गुनाहगार है क्या? मैं हैरान हूं कि आजकल मेरे ही देश में कुछ लोग मुझे गुनाहगार कह रहे हैं. क्या मेरा यही गुनाह है कि भ्रष्टाचार के दिन पूरे होते जा रहे हैं? क्या यही मेरा गुनाह है कि गरीबों का हक छीनने वालों को अब हिसाब देना पड रहा है? हिन्दुस्तान की पाई-पाई पर अगर किसी का अधिकार है तो सवा सौ करोड़ देशवासियों का है. मैं आपके लिए लड़ाई लड़ रहा हूं. ज्यादा से ज्यादा (विरोधी) मेरा क्या कर लेंगे ? हम तो फकीर आदमी हैं, झोला लेकर चल पडेंगे. ये फकीरी है, जिसने मुझे गरीबों के लिए लडने की ताकत दी है.” (अगर सचमुच ऐसा हुआ तो मोदी को जीवन पर्यंत प्रधान मंत्री बने रहने से कोई नहीं रोक सकता – ऐसा मेरा मानना है)
मोदी ने कहा कि पहले नोटें छपती थीं और महंगाई बढ़ रही थी और नोटों के बंडल कहीं छिप जाते थे. “मैं अभी पीछे लगा हूं …आपने देखा होगा- कुछ लोग तो गरीबों के पैर पकड़ रहे हैं. ऐसा करो कि मेरा दो तीन लाख रूपये खाते में डाल दो. कभी किसी अमीर को गरीब के पैर पकड़ते नहीं देखा था. आज जिन बेईमान लोगों ने पैसा जमा किया है वो गरीबों के घर पर भी कतार लगाकर खड़े हैं. बैंक के बाहर तो वो कतार लगाता है जिसमें ईमानदारी का माद्दा होता है. बेईमान गरीबों के घर के बाहर चोरी चुपके कतार लगाये हुए हैं.”
उन्होंने जनधन खाताधारकों से अपील की कि जितने पैसे उनके बैंक में आये हैं, कोई कितना भी दबाव डाले उसे नहीं निकालें. ”अगर रखे रखा तो मैं कोई रास्ता खोजूंगा. मैं दिमाग लगा रहा हूं अभी. दिमाग खपा रहा हूं. गरीब के खाते में जिन्होंने गैर कानूनी ढंग पैसा से डाला है वो जाए जेल में और गरीब के घर में जाए रूपया.”
मोदी बोले, “मैं हैरान हूं. आपने देखा होगा अच्छे-अच्छे लोगों के चेहरे से चमक चली गयी है. पहले पूरा दिन मनी-मनी करते थे अब मोदी, मोदी बोल रहे हैं. मैं देशवासियों को फिर कहता हूं कि आपको कष्ट हो रहा है और देश के लिए आप कष्ट झेल भी रहे हैं. लोग आपको आकर भड़काने की कोशिश करते हैं.”
उन्होंने कहा, ”लोग दो तीन घंटे से खडे हैं. बैंक पैसा नहीं दे रहा है लेकिन कोई गुस्सा नहीं कर रहा है क्योंकि देश की जनता के इरादे नेक हैं. जनता को पता है कि ये ईमानदारी का प्रयास है. जब विश्वास हो जाता है तो ये देश कुछ भी सहने को तैयार होता है, ये मैंने अनुभव किया है.” मोदी ने कहा कि देश में ऐसी हवा बन गयी थी कि सरकार नाम की कोई चीज नहीं है. नेताओं की जेब भर दो, काम चल जाएगा. अब वो नहीं चलेगा. पुराने रास्ते बंद हो चुके हैं. असहाय लोगों को आज लगने लगा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई को जीतना है. उन्होंने कहा, ”मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि आपने जो मेहनत की है…घंटों कतार में बिना खाये पिये खड़े रहे हैं…मैं मेरे देशवासियों की तपस्या को बेकार नहीं जाने दूंगा. ईमानदारी के जितने रास्ते मुझे सूझेंगे, मैं देश को उस रास्ते पर ले जाने के लिए कोई कमी नहीं रहने दूंगा, ये विश्वास दिलाना चाहता हूं.”
मोदी ने नोटबंदी से किसानों को समस्या होने की विपक्ष की दलील को खारिज करते हुए कहा, “मैं किसानों का विशेष रूप से वंदन करना चाहता हूं कि तकलीफ के बावजूद बुवाई में कमी नहीं आयी. पिछले साल से बुवाई बढी है. वो (विरोधी) भ्रम फैला रहे हैं और निराशा का वातावरण पैदा कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि देश सशक्त है और देश का नौजवान सशक्त है. जिस देश के पास 65 प्रतिशत लोग 35 साल से कम उम्र के हों वो नौजवान देश को कहीं से कहीं पहुंचा सकता है. देश के सही विकास के लिए उत्तर प्रदेश की गरीबी हटाना बेहद जरूरी है. “हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान से गरीबी मिटनी चाहिए. भारत से गरीबी मिटनी चाहिए, बड़े प्रदेश से गरीबी खत्म हो तो देश की गरीबी कम होगी. गरीबी को मिटाना है तो बड़े राज्यों यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल से गरीबी मिटानी होगी.”
अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि बहुत सारे अर्थशास्त्रियों के साथ मनमोहन सिंह ने भी कहा कि नोट बंदी से जीडीपी की दर में कम से कम २% तक की गिरावट आयेगी. कैश की कमी की वजह से छोटे-छोटे उद्योग-धंधे प्रभावित हुए हैं. देहारी मजदूर पलायन कर रहे हैं. बेरोजगारी बढ़ रही उत्पादन और बिक्री पर भी प्रभाव पड़ा है. इसका खामियाजा भी देश को भुगतना पड़ेगा. नकली नोट भी पकडे जा रहे हैं. भाजपा सहित कई नेताओं के पास से भी काला धन और नए नोटों की गड्डियाँ बरामद हो रही है. आयकर विभाग सक्रिय है. बैंक के अधिकारी भी गलत काम करने के जुर्म में सस्पेंड हो रहे हैं. कई अफसर, ब्यापारी, डॉक्टर, आदि निशाने पर हैं. अगर परिणाम अच्छे हुए तो जरूर मोदी प्रशंशा के पात्र होंगे. पर अगर सकारात्मक नतीजे नहीं निकले तो फिर जनता भी उन्हें माफ़ करनेवाली नहीं. अत: मोदी जी सहित सभी रणनीतिकारों को हर कदम सम्हाल सम्हाल कर रखना होगा. जनता को परेशानी कम से कम हो, इसके लिए उन्हें हरसंभव कोशिश करनी होगी. राज्य सरकारों के साथ विभिन्न कार्यकर्ताओं को भी जनता की मदद करनी होगी. वित्त मत्रालय के साथ आरबीआई तथा बैंकों को पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ अपने काम करने होंगे. ‘कैशलेस ट्रांजैक्सन’ से फायदा सबको होगा. सरकारों को भी राजस्व वसूली में आसानी होगी. काला धन बढ़ने की संभावना भी कम से कम होगी. अर्थात अंतिम फल अच्छा होगा.
- जवाहर लाल सिंह, जमशेदपुर.

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
December 7, 2016

श्री जवाहर जी नोएडा में भिखारियों के पास सैल मेने देखा है जिधर अच्छी भीख मिलती है उधर उनको सैल के माध्यम से भेज देते हैं |समय लगता है धीरे -धीरे बदलाव आता है हाँ नकली नोट अब दिखाई नहीं देते मालदा में नकली नोटों की सप्लाई करने वाले खेती करने लगे हैं जब दो हजार के बदले छोटे नोट मिलने लगेंगे बहुत कुछ ठीक हो जाएगा

    jlsingh के द्वारा
    December 8, 2016

    आदरणीय शोभा जी, सादर अभिवादन! अगर आपने भिखारियों के पास सेल देखा है तो क्या वे सचमुच भीख पाने के लायक हैं. उन्हें भीख दिया जाना चाहिए क्या? हाँ, यह बात अलग है कि कुंभ के मेले में बहुत से साधुओं के पास भी सेल फोन दिखाए गए थे. परिवर्तन समय की मांग है पर वह समय न आये कि किसी को भीख मांगनी पड़े. सादर!


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