jls

जो देखता हूँ, वही लिखता हूँ

422 Posts

7710 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 3428 postid : 1365730

कार्तिक पूर्णिमा और गंगा स्नान

Posted On: 5 Nov, 2017 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों करोड़ों लोगों ने सुरसरि गंगा में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति पाई और कुछ अभागे लोगों ने तो इस मनुष्य जन्म के कष्ट से ही मुक्ति पा ली(सिमरिया घाट, बेगुसराय की घटना). इसी दिन गुरु नानक देव का जन्म हुआ था. देश भर के लाखों करोड़ों श्रद्धालु ने गुरुनानक देव को याद कर प्रकाश पर्व मनाया और गुरुग्रंथ साहब के सामने मत्था टेका. भारत देश विविधताओं से भरा देश है. यहाँ पुण्य और पाप कर्म होते रहते हैं. सबके फल निर्धारित हैं पर पाप के निवारण का भी उपाय है. उसके लिए भांति भांति के कर्म कांड बने हुए हैं. आपकी आस्था किसमे है? यह आप पर और संयोग पर भी निर्भर करता है.
इसी देश में अनेक धर्म, सम्प्रदाय, पंथ आदि के रीति रिवाज हैं तो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का भी सम्मान प्राप्त है. लोकतंत्र के स्थापना के लिए भी सैंकड़ों-हजारों पार्टियाँ बनी हैं और बंटी जा रही है पर मुख्य रूप से दो ही दल प्रमुखता से नेतृत्व सम्हालते हैं. एक है कांग्रेस जो प्रारम्भ से ही लगभग ६० साल साल में सत्ता में रही. उसने कितने काम किये नहीं किये यह सब इतिहास में अंकित है. उसके प्रतिद्वंद्वी पार्टी के रूप में अभी भाजपा है और दिन रात फल फूलकर विकास का नारा देने में कामयाब हुई है. इस पार्टी के बारे में कहा जाता है यह चाल-चरित्र और चेहरा वाली पार्टी है. श्री अटल बिहारी के नेतृत्व में लगभग ६ साल सत्ता में रहने का गौरव इसे प्राप्त है और इसी के काल में कारगिल विजय, संसद पर हमला और गांधार आदि प्रकरण भी जुड़ा हुआ है. अभी लगभग साढ़े तीन साल से माननीय मोदी जी के नेतृत्व में विकास के नारों से गुंजायमान है. उसी विकास को पाने के लिए और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए इन्होने ने अनेकों कदम उठाये हैं उसमे पिछले साल आठ नवम्बर को घोषित नोटबंदी भी है.
नोटबंदी का सबसे बड़ा फायदा यु पी के साथ हुए अन्य राज्यों के चुनाव में हासिल हुआ. तब मायावती(बसपा), कांग्रेस और सपा आदि पार्टियों के सभी नोट कागज के टुकड़े बन गए और भाजपा संपत्ति/वोट बटोरने में कामयाब रही. आज भी योगी अच्छे चमत्कार पर चमत्कार किये जा रहे हैं. अस्पताल में बच्चो की मौत का महीना ख़त्म होने का नाम ही नहीं लेता ऊपर से अन्य प्रकार के मौत का सिलसिला चालू हो जाता है. कानून ब्यवस्था ऐसी की कोई दिन ऐसा नहीं जब यु पी में बलात्कार और मौत की ख़बरें न हों. सबसे बड़ा हादसा तो रायबरेली के उच्चाहार में बायलर फटने से हुआ. लेकिन वह तो कांग्रेस अध्यक्षा की सीट होने के कारण हुआ. इस हादसे पर सोनिया और राहुल को इस्तीफ़ा देना ही चाहिए.
आगामी आठ नवंबर को नोटबंदी की पहली सालगिरह है. इस मौके पर मुकुल रॉय से अच्छा नेशनल गिफ्ट क्या हो सकता है. इसलिए बीजेपी उन्हें अपने घर ले आई. कुछ दिन ही पहले सुखराम जी अपने पुत्र के साथ स्नान कर गए हैं और बेटे को अपना उत्तरधिकारी बनाने में कामयाब हो गए है. कहा जाएगा कि मां शारदे की बड़ी कृपा हुई कि शारदा स्कैम के आरोपी भी आ गए. अब तो अदालत का भी काम कम हो गया. काला धन तृणमूल वालों के यहां से कम हो गया. भारत की जनता का सफेद धन फूंक कर काला धन पर विजय प्राप्त करने का जश्न मनेगा. जिसमें शामिल होने के लिए दूसरे दलों से काले धन के आरोपी आ जाएं तो चार चांद लग जाएं. मुकुल रॉय ने भी बीजेपी में आकर अच्छा किया है. उनके बीजेपी में आने से सीबीआई या ईडी जैसी जांच एजेंसियों को खोजने के लिए तृणमूल के दफ्तर नहीं जाना होगा. कई बार लगता है कि यह एक पैटर्न के तहत होता है. पहले जांच एजेंसियां लगाकर आरोपी बनाए जाते हैं. फिर न्यूज़ एंकर लगाकर इन आरोपों पर डिबेट कराए जाते हैं और एक दिन चुपके से उस आरोपी को भाजपा में मिला दिया जाता है. असम के हेमंत विश्वा शर्मा जब बीजेपी में शामिल हुए उससे एक महीना पहले बीजेपी ने वॉटर स्कैम में शामिल होने का आरोप लगाया था. हेमंत की वजह से बीजेपी की बड़ी जीत हुई और वे दोबारा मंत्री बन गए. उत्तराखंड में भी आपको कई मंत्री ऐसे मिलेंगे जिन पर विपक्ष में रहते हुए बीजेपी घोटाले का आरोप लगाती थी. राज्य में सरकार बदल गई मगर मंत्री नहीं बदले. जो कांग्रेस में मंत्री थे, वो बीजेपी में मंत्री हो गए. महाराष्ट्र में नारायण राणे भी आने वाले हैं. जिन पर बीजेपी ने करप्शन के खूब आरोप लगाए हैं.
दूसरे दलों से आकर घोटाले के आरोपी नेता लगता है बीजेपी में सीबीआई मुक्त भारत एन्जॉय कर रहे हैं. अब तो हर दूसरा नेता देखकर लगता है कि ये कब बीजेपी में जाएगा, ये ख़ुद से जाएगा या सीबीआई आने के बाद जाएगा? यही नया इंडिया है. उस नया इंडिया का फ्रंट है राष्ट्रवाद, जिसके पीछे एक गोदाम है जहां इस तरह के कई उत्पाद तैयार किए जाते रहते हैं. यूपी चुनाव के वक्त एक नारा खूब चला था. यूपी में रहना है तो योगी-योगी करना होगा. बीजेपी को एक और नारा लगाना चाहिए. सीबीआई से बचना है तो बीजेपी-बीजेपी करना होगा. जो बीजेपी से टकराएगा वो बीजेपी में मिल जाएगा. आरएसएस के संगठन और नेतृत्व का कितना महिमांडन किया जाता है कि वहां नेतृत्व तैयार करने की फैक्ट्री चल रही है. हिमाचल प्रदेश में 73 साल के धूमल मिले. कर्नाटक में 74 साल के येदुरप्पा हैं.
पहले बीजेपी में आगे जाने के लिए नेता संघ का बैकग्राउंड ठीक रखते थे, अब बीजेपी में आगे जाना है तो पहले तृणमूल में जाना होगा, कांग्रेस में जाना होगा, वहां कुछ ऐसा स्कैम करना होगा कि बीजेपी की नजर पड़ जाए. संघ का रूट बहुत लंबा है. बाल्यावस्था से चार बजे सुबह जागकर संघ की शाखा में जाओ. उससे अच्छा है कि मुकुल रॉय वाली तरकीब अपनाओ. प्रधानमंत्री मोदी से नाराज़ लोग भी पूछते हैं, मोदी का विकल्प क्या है? उधर मोदी शाह इस काम में लगे हैं कि कांग्रेस में कुछ और बचा है, तृणमूल में कुछ और बचा है, बीजद में कुछ और बचा है! बीजेपी में अलग-अलग दलों से आए नेताओं को लेकर प्रकोष्ठ होना चाहिए. जैसे कांग्रेस प्रकोष्ठ, तृणमूल प्रकोष्ठ, बीजद प्रकोष्ठ, राजद प्रकोष्ठ.
आप कह सकते हैं कि मुकुल राय ने जब कथित रूप से स्कैम किया था तब उनका खाता आधार से लिंक नहीं हुआ था, अब बीजेपी में आ गए हैं तो खाता लिंक हो गया है. फेसबुक पर लोग मुकुल रॉय को लेकर बीजेपी का मज़ाक उड़ा रहे हैं. यह ठीक नहीं है. बीजेपी ने मुकुल रॉय का मज़ाक उड़ाया है. वे तृणमूल कांग्रेस के काबिल संगठनकर्ता माने जाते थे, बीजेपी ने अपनी दोनों जांच एजेंसियां लगाकर अपने में मिला लिया.
मुझे लगता है कि लालू जी को भी भाजपा का दामन थाम ही लेना चाहिए ताकि सीबीआई और न्यायालय के चक्कर से छुटकारा मिले. नितीश जी सुलझे हुए नेता हैं. उनपर सृजन से लेकर शौचालय घोटाला का भी कोई खास असर नहीं पड़ता. वे समय की धार को पहचानते हैं. उनकी अतरात्मा तभी जागती है तब उन्ही के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी पर आरोप लगते हैं. जय शाह से उनका क्या रिश्ता है? सोनिया गांधी और राहुल ही क्यों विपक्ष में बने हुआ हैं. उन्हें भी भाजपा ज्वाइन कर लेनी चाहिए ताकि नई इण्डिया बनाने में त्वरित गति से काम हो. विपक्ष में रहकर गतिरोध पैदा करने से अच्छा है धारा की दिशा में तैरना. यह केजरीवाल भी बड़ा जिद्दी किश्म का आदमी है. कभी सड़क पर तो कभी न्यायालय के चक्करों में पिसता रहता है. कुमार विश्वास अच्छे विश्वास पात्र हैं कभी भी कहीं भी अपना रास्ता बना सकते हैं. सभी पत्रकार जैसे भाजपा के गुणगान में लगे हैं, अकेला रवीश कुमार बेसुरा राग अलापता रहता है और प्रणव राय को मोदी जी के पास घुटने टेकने जाना पड़ता है. जय भाजपा! जय भारत! वन्दे मातरम! इतना ही काफी है. पूरा वन्दे मातरम याद रखने की जरूरत तो संघ के विचारक राकेश सिन्हा को भी नहीं पडी.
- जवाहर लाल सिंह, जमशेदपुर.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

harirawat के द्वारा
November 6, 2017

बेटे जवाहर, चिरजीवी भव, लेख पढ़ा, आज के राजनीति की उठक पटक की सम्पूर्ण रामायण पढ़ी, सत्यता के आवरण में लिपटा यह लेख , कहियों के चक्षु खोलने का काम करेगा !अच्छी और विस्तृत लेख के लिए चावहए की शाबाशी लेना न भूल जाना ! शुभ कामनाओं के साथ – हरेंद्र

    jlsingh के द्वारा
    November 6, 2017

    हार्दिक आभार चाचा जी, आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है यह मैं जानता हूँ. आपको पुन: प्रणाम!


topic of the week



latest from jagran